ईरान के दक्षिणी हिस्सों में कई जगहों पर जोरदार धमाके हुए हैं जिससे पूरे इलाके में तनाव फैल गया है। 12 जुलाई 2026 को ईरानी मीडिया ने खबर दी कि बंदर अब्बास और सिरिक जैसे शहरों में ब्लास्ट हुए हैं। इस घटना के साथ ही दुनिया के लिए बेहद जरूरी स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ को भी बंद कर दिया गया है।

ℹ️: अमेरिका ने ईरान पर किया बड़ा हमला, Strait of Hormuz में जहाज पर अटैक के बाद ट्रंप का सख्त एक्शन

ईरान के सरकारी प्रसारक IRIB के मुताबिक बंदर अब्बास शहर में तीन और सिरिक में दो धमाके हुए। Press TV ने बुशहर और असलुयेह में भी ब्लास्ट होने की जानकारी दी। इसके अलावा केशम आइलैंड और चाबहार में भी धमाकों की खबरें आई हैं लेकिन अभी इनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

इरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ को बंद करने का एलान किया है। IRGC ने विदेशी ताकतों पर जहाजों के रास्तों में दखल देने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि एक मालवाहक जहाज ने उनके आदेश नहीं माने इसलिए उसे चेतावनी देने के लिए गोली चलाई गई। दूसरी तरफ Axios की एक रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारी का हवाला देते हुए कहा गया कि IRGC की मिसाइल ने साइप्रस के एक कंटेनर जहाज को निशाना बनाया जिससे उसे भारी नुकसान पहुँचा है।

यह पूरा विवाद अमेरिका की मिलिट्री कार्रवाई के बाद शुरू हुआ है। US Central Command (CENTCOM) ने 7 और 8 जुलाई को ईरान पर दो बार बड़े हमले किए थे। अमेरिका का कहना था कि इन हमलों का मकसद ईरान की उस ताकत को कम करना था जिससे वह अंतरराष्ट्रीय शिपिंग को खतरा पहुँचाता है।

इससे पहले 11 जुलाई को पूर्वी तेहरान प्रांत के पाकदश्त, कियामदश्त और परचिन इलाकों में भी तेज धमाके सुने गए थे। हालांकि सरकारी अधिकारियों ने अभी तक इन धमाकों की सही वजह या सटीक जगह के बारे में कोई बयान जारी नहीं किया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.