ईरान के कई बड़े शहरों में पिछले कुछ हफ्तों में आग और धमाकों की घटनाएं सामने आई हैं। तेहरान, बंदर अब्बास, कोम और अहवाज जैसे इलाकों में ये हादसे हुए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, 24 जून 2025 को इजरायल के साथ हुए सीजफायर के बाद से ईरान के 19 प्रांतों में करीब 50 ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। स्थानीय अधिकारियों ने इन घटनाओं के पीछे गैस लीक या बिजली की खराबी को मुख्य कारण बताया है, जबकि लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

किन शहरों में हुए सबसे ज्यादा हादसे?

ईरान की राजधानी तेहरान और उसके आसपास के इलाकों में सबसे ज्यादा घटनाएं दर्ज की गई हैं। डेटा के मुताबिक, तेहरान प्रांत में कुल 15 मामले सामने आए हैं। इसके बाद होर्मोज़गान प्रांत, जहां बंदर अब्बास स्थित है, वहां 5 बड़ी घटनाएं हुई हैं। कोम शहर के पास एक रिहायशी इलाके में भी बड़ा धमाका हुआ था, जिसमें कई लोग घायल हुए। इसके अलावा, अहवाज के पास भी रिफाइनरी में आग लगने की खबरें मिली थीं।

किस तरह की इमारतों को पहुंचा नुकसान?

इन धमाकों और आगजनी में अलग-अलग तरह की इमारतों को नुकसान पहुंचा है। आंकड़े बताते हैं कि रिहायशी और कमर्शियल दोनों तरह की जगहों पर इसका असर पड़ा है। मिलिट्री और पब्लिक फैसिलिटी वाली जगहों पर भी कुछ घटनाएं देखी गई हैं, जिन्हे नीचे दी गयी तालिका में समझा जा सकता है:

जगह का प्रकार प्रतिशत (Percentage)
कमर्शियल (Commercial) 30%
रिहायशी (Residential) 24%
इंडस्ट्रियल (Industrial) 16%
मिलिट्री (Military) 14%
सरकारी सुविधाएं 10%

अधिकारियों और इजरायल का क्या कहना है?

ईरानी अधिकारियों ने इन घटनाओं के पीछे किसी भी बाहरी हमले से इनकार किया है। कोम के गवर्नर और अन्य अफसरों ने इसे गैस लीक या एक्सीडेंट बताया है। दूसरी तरफ, इजरायल ने भी इन घटनाओं में अपना हाथ होने की बात को सार्वजनिक तौर पर नकारा है। हालांकि, जून की लड़ाई के बाद से ही दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है, लेकिन अभी तक इन धमाकों के पीछे किसी साजिश का कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.