अमेरिका के साथ शांति वार्ता विफल, ईरान के भीतर बढ़ा बड़ा तनाव, सरकार ने उठाए कड़े कदम.

Nura Basta17 August 20262 min read77 viewsWorld
अमेरिका के साथ शांति वार्ता विफल, ईरान के भीतर बढ़ा बड़ा तनाव, सरकार ने उठाए कड़े कदम.

अमेरिका के साथ शांति वार्ता के विफल होने के बाद ईरान के भीतर नेतृत्व पर अंदरूनी दबाव तेजी से बढ़ता जा रहा है। 17 अगस्त 2026 को ईरानी अधिकारियों ने बताया कि देश के भीतर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। अमेरिका के साथ हुआ 60 दिन का समझौता खत्म हो चुका है, लेकिन इससे चल रहे संघर्ष या परमाणु कार्यक्रम के विवाद का कोई समाधान नहीं निकल पाया। सरकार अब संभावित नागरिक असंतोष को रोकने के लिए कई बड़े कदम उठा रही है, जिसमें सुरक्षा अधिकारी होसैन तएब को बासिज का प्रमुख बनाना और सार्वजनिक जगहों पर भीड़ को कंट्रोल करने के लिए बुनियादी ढांचे में बदलाव करना शामिल है।

ईरान की आक्रामक विदेश नीति और सैन्य चेतावनी

इसी बीच तेहरान ने अपनी विदेश नीति को और अधिक आक्रामक बना लिया है। अधिकारियों ने धमकी दी है कि अगर अमेरिका के प्रतिबंध और नौसेना की नाकाबंदी जारी रही तो वे होर्मुज जलडमरूमध्य में अपनी सैन्य गतिविधियों को और बढ़ा देंगे। संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबफ ने हाल ही में कूटनीतिक प्रयासों को लेकर जीत का दावा किया, लेकिन वरिष्ठ नेताओं ने यह भी माना कि अंतरराष्ट्रीय अलगाव के कारण देश की अर्थव्यवस्था पर बहुत बुरा असर पड़ा है।

आर्थिक संकट और घरेलू उत्पादन पर जोर

अर्थव्यवस्था मंत्री अली मदानिज़ादेह ने इस बात पर जोर दिया है कि देश की कमजोरी को कम करने के लिए अब घरेलू उत्पादन पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा। दूसरी ओर, विश्लेषकों का कहना है कि देश का नेतृत्व जनता की नाराजगी और घरेलू अस्थिरता को लेकर बहुत ज्यादा सतर्क है। आम लोगों और बाजार में इस स्थिति को लेकर चिंता का माहौल बना हुआ है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय दबाव और आर्थिक तंगी का असर सीधे तौर पर आम जनजीवन पर पड़ रहा है। सरकार स्थिति को संभालने के लिए लगातार नए फैसले ले रही है ताकि किसी भी तरह के बड़े विरोध प्रदर्शन या आंतरिक संकट से निपटा जा सके।

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