ओमान के शिनस बाहरी पोर्ट के पास एक बड़ी घटना सामने आई है जहाँ ईरान के कोस्ट गार्ड ने Togo के झंडे वाले केमिकल टैंकर MT Siron पर फायरिंग की। इस जहाज़ पर 17 भारतीय नाविक सवार थे। भारत सरकार इस मामले पर पूरी नज़र रखे हुए है और सभी नाविकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।
ईरान ने क्यों की फायरिंग और अब नाविकों का क्या हाल है?
यह घटना 25 अप्रैल 2026 को ओमान के शिनस बाहरी पोर्ट की सीमा के पास हुई। भारत के Ministry of Ports, Shipping and Waterways के डायरेक्टर Mandeep Singh Randhawa ने कन्फर्म किया कि ईरानी कोस्ट गार्ड ने चेतावनी के तौर पर फायरिंग की थी। राहत की बात यह है कि जहाज़ पर सवार सभी 17 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और चिंता की कोई बात नहीं है।
भारतीय सरकार ने सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए हैं?
नाविकों की सुरक्षा के लिए भारत सरकार ने कमर कस ली है। Ministry of Ports, Shipping and Waterways लगातार Ministry of External Affairs और विदेशों में भारतीय दूतावासों के साथ तालमेल बिठा रही है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि पश्चिम एशियाई समुद्र में भारतीय नाविकों को कोई खतरा न हो।
- DG Shipping कंट्रोल रूम: अब तक 7,780 कॉल्स और 16,650 ईमेल मिले हैं।
- जहाज़ों से संपर्क: कुल 2,770 भारतीय जहाजों से संपर्क किया गया जिनमें से 12 ने अपडेट दिया है।
- निगरानी: सावधानी के तौर पर पूरे इलाके में सर्विलांस बढ़ा दिया गया है।
क्या पहले भी ऐसे हमले हुए हैं?
ईरान की यह पहली हरकत नहीं है। इससे पहले 18 अप्रैल 2026 को भी ईरान ने दो भारतीय जहाज़ों VLCC Sanmar Herald और Jag Arnav पर हमला किया था। उस समय भारत ने इस घटना का कड़ा विरोध किया था और Ministry of External Affairs ने ईरानी राजदूत को तलब किया था। ब्रिटिश नेवी से जुड़ी एक संस्था ने भी पुष्टि की थी कि IRGC की फायरिंग से उन जहाज़ों को काफी नुकसान पहुँचा था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
MT Siron जहाज़ पर हुई फायरिंग में कितने भारतीय नाविक थे और उनकी स्थिति क्या है?
MT Siron जहाज़ पर कुल 17 भारतीय नाविक सवार थे। भारत सरकार के अनुसार सभी नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं और स्थिति पर नज़र रखी जा रही है।
भारतीय सरकार ने नाविकों की सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए हैं?
DG Shipping कंट्रोल रूम के ज़रिए हज़ारों जहाजों और नाविकों से संपर्क किया गया है। साथ ही Ministry of External Affairs और भारतीय मिशनों के साथ मिलकर सुरक्षा निगरानी बढ़ा दी गई है।