ओमान की खाड़ी में शुक्रवार, 5 जून 2026 को ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया। ईरानी मीडिया और सऊदी न्यूज50 की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी नौसेना ने अमेरिकी नौसेना के दो विध्वंसक जहाजों पर मिसाइलों और लड़ाकू ड्रोन से चेतावनी के तौर पर फायरिंग की। इस बड़ी सैन्य कार्रवाई के बाद अमेरिकी जहाजों को अपने कदम पीछे खींचने पड़े। इस घटना ने खाड़ी क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़ा संकट खड़ा कर दिया है।

ईरान ने अमेरिकी जहाजों पर क्यों की सैन्य कार्रवाई?

ईरानी सेना के जनसंपर्क निदेशालय ने इस कार्रवाई पर आधिकारिक बयान जारी किया है। ईरान का कहना है कि अमेरिकी नौसेना लगातार उनके व्यापारिक जहाजों के रास्ते में बाधा डाल रही थी और अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन कर रही थी। ईरान ने अमेरिकी हरकतों को समुद्री डकैती और आक्रामक कार्रवाई करार दिया है। इस कार्रवाई में ईरान ने अपने कादिर मिसाइल और शाहेद दानिश हमलावर ड्रोन का इस्तेमाल किया। निशाना बनने वाले अमेरिकी युद्धपोतों की पहचान DDG-103 और DDG-87 के रूप में हुई है, जो इस चेतावनी के बाद हिंद महासागर की ओर चले गए।

अमेरिकी प्रशासन और सेना का इस घटना पर क्या रुख है?

इस ताजा घटना को लेकर अमेरिकी नौसेना या सरकार की तरफ से 5 जून को कोई नया बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि, इससे पहले 3 जून 2026 को अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के इसी तरह के दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया था। CENTCOM ने तब कहा था कि ईरान के दावे झूठे हैं और अमेरिकी नौसेना समुद्र में सुरक्षित और बिना किसी रुकावट के अपना संचालन कर रही है। इसके अलावा, अप्रैल 2026 में अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया था कि अमेरिकी जहाजों को सुरक्षा नियमों के तहत किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर चेतावनी कार्रवाई करने का पूरा अधिकार है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने अमेरिका के किन युद्धपोतों को निशाना बनाने का दावा किया है?

ईरान ने अमेरिकी नौसेना के विध्वंसक जहाजों DDG-103 और DDG-87 पर कादिर मिसाइलों और शाहेद दानिश ड्रोन से चेतावनी भरे शॉट दागने का दावा किया है।

यह घटना किस तारीख को और कहां पर हुई है?

यह घटना शुक्रवार, 5 जून 2026 को ओमान की खाड़ी में हुई है, जिसकी पुष्टि ईरानी मीडिया और सऊदी न्यूज50 ने की है।