खाड़ी क्षेत्र (Gulf Region) में तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है। ईरान की सेना IRGC ने दावा किया है कि उसने खाड़ी के पानी के ऊपर उड़ रहे एक घुसपैठिए F-16 लड़ाकू विमान पर सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल दागी है। इस हमले के बाद विमान को पीछे हटने के लिए मजबूर होना पड़ा। इस सैन्य घटनाक्रम के बाद खाड़ी के अन्य देशों जैसे बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में भी भारी हलचल देखी जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

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अमेरिका और ईरान के बीच कैसे शुरू हुआ यह नया सैन्य विवाद?

इस ताजा विवाद की शुरुआत 9 जून 2026 को हुई जब ओमान के तट के पास हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के नजदीक ईरान के एक सशस्त्र Shahed ड्रोन ने अमेरिकी सेना के एक Apache हेलीकॉप्टर को मार गिराया। इस घटना के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस हमले का बहुत मजबूत और शक्तिशाली जवाब देगा। इसके बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के हवाई रक्षा प्रणालियों और रडार साइटों पर जवाबी हमले किए, जिसके बाद ईरान ने F-16 विमान को निशाना बनाने का दावा किया है।

खाड़ी के अन्य देशों बहरीन, कुवैत और जॉर्डन पर क्या हुआ असर?

अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान की IRGC ने बहरीन में अमेरिकी पांचवें बेड़े (US Fifth Fleet) के मुख्यालय, कुवैत के अली अल सलेम (Ali Al Salem) बेस और जॉर्डन के मुवफ्फाक साल्टी (Muwaffaq Salti) एयर बेस पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। हमलों की खबर आते ही बहरीन में हवाई हमले का अलर्ट जारी किया गया। कुवैत की सेना ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम से हवाई खतरों को हवा में ही रोक दिया, जबकि जॉर्डन ने ईरान की तरफ से दागी गईं 5 मिसाइलों को मार गिराया। ईरान के विदेश मंत्रालय ने खाड़ी देशों को चेतावनी दी है कि वे अमेरिका या इजरायल को अपनी जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ न करने दें।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने कुल कितने अमेरिकी ठिकानों पर हमला करने का दावा किया है?

ईरान की सेना IRGC ने दावा किया है कि उसने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में कुल 21 ठिकानों पर हमला किया है और जॉर्डन में एक F-35 विमान के हैंगर को नुकसान पहुंचाया है।

क्या इन हमलों में अमेरिकी सेना को कोई जानी नुकसान हुआ है?

अमेरिकी अधिकारियों के शुरुआती आकलन के अनुसार, ईरान की तरफ से दागी गईं लगभग सभी मिसाइलों और ड्रोन को रास्ते में ही रोक दिया गया था और अमेरिकी सुरक्षाकर्मियों या ठिकानों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।