हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव एक बार फिर बहुत बढ़ गया है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दो टैंकरों पर फायरिंग की, जिसके बाद जहाजों को वापस लौटना पड़ा। इस घटना से दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल रास्तों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

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ईरान ने टैंकरों पर फायरिंग क्यों की और अब क्या नियम हैं?

यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के मुताबिक 18 अप्रैल 2026 को ओमान के उत्तर-पूर्व में ईरान के दो गनबोट्स ने एक टैंकर पर फायरिंग की। हालांकि जहाज और उसके लोग सुरक्षित बताए गए हैं। ईरान ने अब यह एलान कर दिया है कि इस रास्ते का कंट्रोल फिर से उसकी सेना के पास चला गया है। अब किसी भी जहाज को यहां से गुजरने के लिए ईरान से पहले अनुमति लेनी होगी और उनके बताए हुए खास रूट पर ही चलना होगा।

अमेरिका और ईरान के बीच इस विवाद की मुख्य वजह क्या है?

अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी कर रखी है, जिसे ईरान की सरकार ‘समुद्री डकैती’ कह रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया है कि जब तक ईरान के साथ पूरी डील फाइनल नहीं हो जाती, यह नाकाबंदी जारी रहेगी। वहीं ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामनेई ने कहा है कि उनकी नौसेना दुश्मनों को करारा जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस बीच मिस्र और पाकिस्तान दोनों देशों के बीच सुलह कराने की कोशिश कर रहे हैं।

विवरण जानकारी
घटना की तारीख 18 अप्रैल 2026
मुख्य घटना IRGC द्वारा टैंकरों पर फायरिंग
स्थान ओमान के उत्तर-पूर्व में 20 समुद्री मील दूर
ईरान का नया नियम निर्धारित रूट और ईरान की मंजूरी जरूरी
अमेरिकी रुख ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी जारी रहेगी
मध्यस्थ देश मिस्र और पाकिस्तान
प्रभावित क्षेत्र Hormuz Strait (वैश्विक तेल सप्लाई रूट)