Strait of Hormuz में तनाव एक बार फिर बहुत ज्यादा बढ़ गया है। ईरान की सेना ने खाड़ी पार करने की कोशिश कर रहे चार व्यावसायिक जहाजों पर चेतावनी के तौर पर गोलियां चलाई हैं। इस घटना के बाद अमेरिकी सेना ने भी जवाबी कार्रवाई की है और ईरान के चार ड्रोन मार गिराए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरे मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए ओमान को भी सीधे शब्दों में चेतावनी दे दी है। यह पूरा विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब दोनों देशों के बीच अप्रैल महीने से एक नाजुक युद्धविराम लागू था।
ईरान ने अमेरिकी तेल टैंकर और जहाजों पर क्यों चलाईं गोलियां?
ईरानी सेना यानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने 28 मई 2026 को तड़के करीब 12:35 बजे स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर चेतावनी के तौर पर फायरिंग की। ईरान की तस्नीम समाचार एजेंसी के अनुसार, सुरक्षा बलों से बिना तालमेल किए चार जहाज फारस की खाड़ी में घुसने का प्रयास कर रहे थे। अधिकारियों का दावा है कि इनमें से एक अमेरिका का तेल टैंकर था जो अपना रडार सिस्टम बंद करके जा रहा था। चेतावनी मिलने के बाद इन जहाजों को वापस पीछे हटना पड़ा।
अमेरिका की जवाबी कार्रवाई और डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी चेतावनी
इस घटना के बाद अमेरिकी सेना ने भी रक्षात्मक कदम उठाते हुए ईरान के चार हमलावर ड्रोन को मार गिराया और बंदर अब्बास में स्थित एक ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन को तबाह कर दिया। इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज एक अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र है और इस पर किसी का नियंत्रण नहीं होने दिया जाएगा। ट्रंप ने ओमान को भी चेतावनी देते हुए कहा कि उसे बाकी देशों की तरह सही व्यवहार करना होगा, अन्यथा उसे भी गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। वहीं अमेरिकी वित्त विभाग ने ईरान की नई ‘पर्सियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर कोई अंतरराष्ट्रीय नियम है?
हां, अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को ‘ट्रांजिट पैसेज’ क्षेत्र माना जाता है, जहां से सभी देशों के जहाजों को बिना किसी रुकावट के गुजरने का अधिकार प्राप्त है। हालांकि ईरान इस नियम को पूरी तरह से नहीं मानता है।
अमेरिका ने ईरान के किस विभाग पर नए प्रतिबंध लगाए हैं?
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने ईरान द्वारा हाल ही में बनाई गई संस्था ‘पर्सियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। अमेरिका का मानना है कि ईरान इसके जरिए समुद्री व्यापार को बाधित करने की कोशिश कर रहा है।