Iran Flight Update: ईरान में फिर शुरू हुईं उड़ानें, ओमान और तुर्की के लिए फ्लाइट्स चालू, कई एयरपोर्ट्स खुले
ईरान में एक बार फिर हवाई सेवाओं की बहाली शुरू हो गई है। सुरक्षा कारणों से बंद हुए एयरपोर्ट्स अब धीरे-धीरे खुल रहे हैं, जिससे विमानन क्षेत्र में फिर से हलचल शुरू हो गई है। ईरान एयरपोर्ट्स कंपनी ने पुष्टि की है कि अब यात्रियों के लिए ओमान और तुर्की जैसी जगहों के लिए उड़ानें संचालित की जाएंगी। यह कदम क्षेत्रीय तनाव के बाद सेवाओं को सामान्य करने की कोशिश माना जा रहा है।
किन हवाई अड्डों पर कब से शुरू हुई उड़ानें?
ईरान के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने अलग-अलग तारीखों पर हवाई अड्डों को खोलने की अनुमति दी है। पूर्वी हवाई क्षेत्र को पहले खोला गया और अब धीरे-धीरे अन्य एयरपोर्ट्स भी चालू हो रहे हैं।
| तारीख | हवाई अड्डा / क्षेत्र | स्थिति |
|---|---|---|
| 18 अप्रैल, 2026 | उर्मिया, अबादान, शिराज़, कर्मन, यज़्द और अन्य 5 एयरपोर्ट | यात्री उड़ानें शुरू हुईं |
| 18 अप्रैल, 2026 | पूर्वी हवाई क्षेत्र | अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के लिए खुला |
| 20 अप्रैल, 2026 | इमाम खुमैनी और मेहराबाद एयरपोर्ट | उड़ानों की अनुमति मिली |
| 20 अप्रैल, 2026 | मशहद अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा | अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें शुरू हुईं |
| 21 अप्रैल, 2026 | इमाम खुमैनी हवाई अड्डा | ओमान और तुर्की के लिए उड़ानें चालू |
| 21 अप्रैल, 2026 | मेहराबाद हवाई अड्डा | सीमित घरेलू उड़ानों के लिए तैयार |
| 21 अप्रैल, 2026 | कर्मन और यज़्द एयरपोर्ट | दोबारा खुल गए |
बहाली के नियम और आगे की योजना क्या है?
ईरान के नागरिक उड्डयन संगठन (CAO) ने हवाई क्षेत्र को खोलने के लिए चार चरणों वाली योजना बनाई है। यह प्रक्रिया पूर्वी क्षेत्रों से शुरू होकर पश्चिम की ओर बढ़ेगी। उल्लेखनीय है कि 28 फरवरी, 2026 को अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हमलों के बाद देश का हवाई क्षेत्र पूरी तरह बंद कर दिया गया था।
ईरान एयरपोर्ट्स एंड एयर नेविगेशन कंपनी (IAC) के सीईओ मोहम्मद अमीरानी ने कहा कि विमानन नेटवर्क को फिर से जोड़ने के लिए पूर्ण सुरक्षा सबसे जरूरी शर्त है। उन्होंने बताया कि सैन्य और नागरिक अधिकारियों की तकनीकी तैयारी के बाद ही सेवाएं धीरे-धीरे सामान्य होंगी।
वर्तमान में अधिकारियों द्वारा मशहद से मस्कट के बीच नए हवाई मार्ग शुरू करने की संभावना पर विचार किया जा रहा है। हालांकि पूर्वी क्षेत्र खुल गया है, लेकिन सुरक्षा चिंताओं के कारण पश्चिमी हवाई क्षेत्र अभी भी बंद रखा गया है।