ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने अमेरिका और इजरायल की कार्रवाई पर कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इन देशों को लगता है कि बमबारी के जरिए ज्ञान और शिक्षा को खत्म किया जा सकता है, लेकिन ऐसा सोचना उनकी गलतफहमी है। विदेश मंत्री के मुताबिक इस तरह की घटनाओं से लोग पढ़ाई और ज्ञान हासिल करने के लिए और भी ज्यादा प्रेरित होंगे। यह बयान ईरानी यूनिवर्सिटी और स्कूलों पर हुए हालिया हमलों के बाद सामने आया है।

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हमलों में अब तक क्या-क्या नुकसान हुआ है?

ईरान सरकार की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक 28 फरवरी से शुरू हुई सैन्य कार्रवाई में शिक्षा के क्षेत्र को काफी नुकसान पहुंचा है। इन घटनाओं को लेकर विदेश मंत्री ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में भी अपनी बात रखी है। नुकसान के मुख्य आंकड़े इस प्रकार हैं:

  • 600 से ज्यादा स्कूल: ईरान के मुताबिक अब तक 600 से अधिक स्कूलों को या तो नुकसान पहुंचाया गया है या वे पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं।
  • छात्रों और शिक्षकों की स्थिति: इन हमलों में 1,000 से ज्यादा छात्र और शिक्षक घायल हुए हैं या उनकी मौत हुई है।
  • प्राइमरी स्कूल पर हमला: Minab के एक प्राइमरी स्कूल पर हुए हमले को ईरान ने युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराध बताया है।

विदेश मंत्री Abbas Araghchi के बयान के मुख्य बिंदु

ईरानी विदेश मंत्री ने 29 मार्च 2026 को कहा कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को अमेरिका और इजरायल की इस कानूनहीनता के खिलाफ खड़ा होना चाहिए। उन्होंने क्षेत्रीय देशों से भी अपील की है कि वे इन अपराधों के खिलाफ आवाज उठाएं। विदेश मंत्री के अनुसार शिक्षा संस्थानों को निशाना बनाना एक सोची-समझी साजिश है, जिसका मकसद देश की तरक्की रोकना है। उन्होंने साफ किया कि ईरान अपनी शिक्षा और ज्ञान की परंपरा को इन हमलों के बावजूद जारी रखेगा। इससे पहले जेनेवा में भी ईरान ने इन हमलों को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया था।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com