ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi इन दिनों एक अहम डिप्लोमैटिक दौरे पर हैं। उन्होंने ओमान में अपनी मुलाकातें पूरी कर ली हैं और अब वह दोबारा पाकिस्तान के इस्लामाबाद लौट रहे हैं। इसके बाद वह रूस की राजधानी मॉस्को जाएंगे ताकि क्षेत्रीय तनाव को कम करने पर बात हो सके।

ईरान के विदेश मंत्री का यह दौरा क्यों अहम है?

  • दौरे की शुरुआत: यह दौरा 24 अप्रैल 2026 को शुरू हुआ जिसमें पाकिस्तान, ओमान और रूस के दौरे शामिल हैं।
  • मुख्य उद्देश्य: ईरान के विदेश मंत्रालय ने बताया कि इस यात्रा का मकसद द्विपक्षीय मुद्दों पर तालमेल बिठाना और अमेरिका व इसराइल के बीच चल रहे संघर्ष पर चर्चा करना है।
  • ईरान का पक्ष: विदेश मंत्री Araghchi ने कहा कि वह युद्ध को स्थायी रूप से खत्म करने के लिए एक फ्रेमवर्क चाहते हैं, न कि सिर्फ युद्धविराम।

पाकिस्तान और ओमान में किन बातों पर चर्चा हुई?

पाकिस्तान में 25 अप्रैल को Araghchi ने प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif, सेना प्रमुख Field Marshal Asim Munir और विदेश मंत्री Ishaq Dar से मुलाकात की। पाकिस्तान इस समय ईरान और अमेरिका के बीच एक पुल की तरह काम कर रहा है ताकि प्रस्तावों को पहुँचाया जा सके।

वहीं 26 अप्रैल को ओमान में उन्होंने सुल्तान Haitham bin Tariq Al Said से बातचीत की। यहाँ मुख्य रूप से क्षेत्रीय तनाव को कम करने और मध्यस्थता की कोशिशों पर चर्चा हुई। ओमान लंबे समय से विवादों को सुलझाने में मदद करता रहा है।

अमेरिका के साथ बातचीत और मौजूदा स्थिति क्या है?

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने अपने दूतों Steve Witkoff और Jared Kushner की इस्लामाबाद यात्रा रद्द कर दी। इस खबर के बाद ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि वह अभी यह देखेंगे कि क्या अमेरिका वाकई डिप्लोमेसी के लिए गंभीर है।

ईरान ने साफ कर दिया है कि वह सैन्य खतरों और समुद्री नाकाबंदी के दबाव में अमेरिका के साथ सीधी बातचीत नहीं करेगा। ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने भी कहा है कि वह थोपी गई बातचीत को स्वीकार नहीं करेंगे और अमेरिका को बातचीत की राह में आने वाली रुकावटों को हटाना होगा।