ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने अमेरिका और इज़राइल पर अंतरराष्ट्रीय नियमों को तोड़ने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने पाकिस्तान के विदेश मंत्री Ishaq Dar के साथ फोन पर हुई बातचीत में कहा कि ईरान के स्कूलों, अस्पतालों और बुनियादी ढांचे पर लगातार हमले हो रहे हैं। Araghchi के अनुसार, यह अंतरराष्ट्रीय कानून के खत्म होने की तरफ इशारा करता है और उन्होंने इसके खिलाफ क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर कार्रवाई करने की अपील की है।

ईरान ने किन हमलों और नुकसान का किया ज़िक्र?

ईरान के विदेश मंत्री ने हालिया हमलों को लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं। उन्होंने बताया कि इज़राइल ने ईरान की दो बड़ी स्टील फैक्ट्रियों, एक पावर प्लांट और कुछ न्यूक्लियर साइट्स को निशाना बनाया है। 27 मार्च को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के एक सत्र में Araghchi ने बताया कि 28 फरवरी को Minab के Shajareh Tayyibeh स्कूल पर हुआ हमला जानबूझकर किया गया था, जिसमें कई बच्चों की मौत हुई थी।

Energy Minister Abbas Aliabadi की रिपोर्ट के अनुसार, पानी के ट्रांसमिशन और ट्रीटमेंट के दर्जनों केंद्रों को नुकसान पहुंचा है। रेड क्रेसेंट के प्रमुख Pirhossein Kolivand ने जानकारी दी कि स्कूलों और मेडिकल सेंटरों समेत लगभग 81,365 नागरिक ठिकानों को क्षति पहुंची है। 29 मार्च को एक ईरानी बंदरगाह शहर पर हुए ताज़ा हमले में भी पांच लोगों की जान चली गई है।

क्षेत्रीय तनाव और मध्यस्थता की ताज़ा स्थिति क्या है?

क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करने के लिए राजनयिक स्तर पर प्रयास जारी हैं। पाकिस्तान के विदेश मंत्री Ishaq Dar ने इन हमलों को रोकने और शत्रुता खत्म करने पर जोर दिया है। पाकिस्तान वर्तमान में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत शुरू कराने के लिए एक मध्यस्थ के रूप में काम कर रहा है।

  • ईरान ने यूनान (Greece) के विदेश मंत्री के साथ बातचीत में अमेरिका और इज़राइल द्वारा संघर्ष को बढ़ाने की चेतावनी दी है।
  • संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने भी इन सैन्य हमलों की निंदा की है और इन्हें अंतरराष्ट्रीय चार्टर का उल्लंघन बताया है।
  • रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान के अनुरोध पर कुछ ईरानी अधिकारियों के नाम इज़राइल की संभावित हिट लिस्ट से हटाए गए हैं ताकि शांति वार्ता के रास्ते खुले रहें।
  • UN महासचिव Antonio Guterres ने पहले ही कहा है कि ये हमले अंतरराष्ट्रीय कानून और संप्रभुता का उल्लंघन हैं।
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.