ईरान के विदेश मंत्री Seyyed Abbas Araghchi इन दिनों भारत के दौरे पर हैं। नई दिल्ली में आयोजित BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान उन्होंने दुनिया के शासन चलाने के तरीके में बड़े बदलाव की मांग की है। उन्होंने साफ कहा कि अगर संयुक्त राष्ट्र (UN) को बचाना है, तो उसकी सुरक्षा परिषद में सुधार करना अब बहुत ज़रूरी हो गया है।
UN सुरक्षा परिषद में बदलाव क्यों ज़रूरी है?
Araghchi ने कहा कि UN Security Council को इस तरह बदलना चाहिए कि इसमें दुनिया के सभी महाद्वीपों और क्षेत्रों का सही प्रतिनिधित्व हो। उन्होंने कहा कि ताकत कुछ चुनिंदा देशों के हाथ में नहीं होनी चाहिए। उनके मुताबिक, यह बदलाव अब कोई विकल्प नहीं बल्कि UN के अस्तित्व के लिए ज़रूरी है ताकि दुनिया में न्याय और स्थिरता आ सके। उन्होंने कहा कि दुनिया को अब संकट के प्रबंधन से आगे बढ़कर पूरे ढांचे के प्रबंधन पर ध्यान देना होगा।
अमेरिका और इसराइल पर क्या आरोप लगाए?
ईरानी विदेश मंत्री ने अमेरिका और इसराइल पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि 28 फरवरी 2026 से इन दोनों देशों ने ईरानी नागरिकों, स्कूलों और ज़रूरी बुनियादी ढांचों पर हमले किए हैं। Araghchi ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इन हमलों की निंदा करने को कहा और वैश्विक संघर्षों में अपनाए जाने वाले दोहरे मापदंडों को छोड़ने की बात कही। उन्होंने यह भी साफ किया कि ईरान ने कभी परमाणु हथियार नहीं चाहे और अमेरिका के साथ बातचीत में भरोसे की भारी कमी है।
भारत की भूमिका और अन्य मुद्दों पर क्या अपडेट है?
उन्होंने पश्चिम एशिया के संकट को सुलझाने में भारत की सकारात्मक भूमिका की तारीफ की और कहा कि भारत इस क्षेत्र में और बड़ी भूमिका निभा सकता है। इस दौरान उनकी मुलाकात S. Jaishankar और प्रधानमंत्री Narendra Modi से भी हुई। Strait of Hormuz की सुरक्षा पर उन्होंने कहा कि ईरान उन सभी जहाजों को रास्ता देने के लिए तैयार है जो ईरान के साथ युद्ध में शामिल नहीं हैं। साथ ही, उन्होंने BRICS देशों के बीच आर्थिक और तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया ताकि कुछ खास देशों के एकाधिकार को कम किया जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान ने BRICS के बारे में क्या कहा?
Araghchi ने कहा कि BRICS देशों के बीच आर्थिक और तकनीकी सहयोग बढ़ना चाहिए ताकि दुनिया कुछ खास देशों के एकाधिकार पर निर्भर न रहे और एक रणनीतिक संतुलन बन सके।
Strait of Hormuz की सुरक्षा पर ईरान का क्या कहना है?
ईरान ने कहा कि वह समुद्री स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और उन सभी जहाजों को रास्ता देने को तैयार है जो ईरान के साथ युद्ध में शामिल नहीं हैं।
