ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi रूस के सेंट पीटर्सबर्ग पहुंचे जहाँ उन्होंने राष्ट्रपति Vladimir Putin से मुलाकात की। इस मुलाकात में उन्होंने अमेरिका के साथ चल रहे तनाव के समय रूस द्वारा दिए गए समर्थन के लिए पुतिन का शुक्रिया अदा किया। अरगची ने इस मौके पर ईरान और रूस के रिश्तों को एक रणनीतिक साझेदारी बताया और इसे और गहरा करने की बात कही।

🚨: UAE से लौटे भारतीय जोड़े पर पुलिस की कार्रवाई, सोशल मीडिया और वीज़ा नियमों को लेकर यूएई सरकार सख्त

पुतिन और अरगची की मुलाकात में किन बातों पर चर्चा हुई?

27 अप्रैल 2026 को हुई इस मीटिंग में ईरान के विदेश मंत्री ने रूस की स्थिति और उनके सहयोग के लिए आभार जताया। अरगची ने ईरान के सर्वोच्च नेता और राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian की ओर से पुतिन को शुभकामनाएं भेजीं। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान एक मजबूत और शक्तिशाली सिस्टम है जिसने अमेरिका का सामना करते हुए अपनी ताकत दिखाई है।

  • पुतिन का वादा: राष्ट्रपति पुतिन ने ईरान के हितों का समर्थन करने और पश्चिम एशिया में शांति बहाल करने के प्रयासों में मदद करने का भरोसा दिया।
  • ईरानी जनता की तारीफ: पुतिन ने अपनी संप्रभुता के लिए बहादुरी से लड़ने वाली ईरानी जनता की तारीफ की।

अमेरिका के साथ शांति वार्ता क्यों रुकी और रूस से क्या समझौता हुआ?

ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता की कोशिशें नाकाम रही हैं। 17 अप्रैल 2026 को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में बातचीत का पहला दौर हुआ था, लेकिन दूसरा दौर नहीं हो सका। ईरान का कहना है कि वह इस बैठक के लिए सहमत नहीं था और अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भी अपने दूतों की यात्रा रद्द कर दी थी। अरगची ने इसका जिम्मेदार अमेरिका के गलत रवैये और उनकी ज्यादा मांगों को बताया।

वहीं रूस के साथ ईरान का रिश्ता अब एक कानूनी समझौते के तहत है। दोनों देशों ने 17 जनवरी 2025 को एक ‘Comprehensive Strategic Partnership Treaty’ साइन की थी, जो 2 अक्टूबर 2025 से लागू हो गई। यह समझौता अगले 20 साल तक राजनीति, सुरक्षा, व्यापार और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करेगा।

ईरान और रूस के बीच सैन्य मदद को लेकर क्या जानकारी है?

ईरान ने खुलकर यह बात कही है कि उसे रूस और चीन से सैन्य सहयोग मिल रहा है। हालांकि इसकी पूरी जानकारी गुप्त रखी गई है, लेकिन कुछ अहम बातें सामने आई हैं:

  • ईरान की तरफ से: ईरान रूस को ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलें सप्लाई कर रहा है।
  • रूस की तरफ से: रूस ईरान को पायलट ट्रेनिंग विमान, अटैक हेलीकॉप्टर और स्पेस व मिसाइल प्रोग्राम में मदद दे रहा है।
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com