ईरान के विदेश मंत्री Seyyed Abbas Araghchi बुधवार को बीजिंग पहुंच गए हैं. यहां वह चीन के विदेश मंत्री Wang Yi से मुलाकात करेंगे. यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब पश्चिम एशिया में हालात बहुत तनावपूर्ण हैं और अमेरिका व इसराइल के साथ विवाद बढ़ गया है. दोनों देशों के बीच इस मुलाकात पर पूरी दुनिया की नजर है.
बीजिंग दौरे का असली मकसद क्या है?
इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य ईरान और चीन के आपसी रिश्तों को और मजबूत करना है. बातचीत के दौरान पश्चिम एशिया के संकट और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही हलचलों पर चर्चा होगी. ईरान अपनी Look East पॉलिसी के तहत एशियाई शक्तियों के साथ अपने संबंधों को गहरा कर रहा है. आपको बता दें कि साल 2021 में चीन और ईरान ने ऊर्जा, बुनियादी ढांचे और सुरक्षा क्षेत्रों में सहयोग के लिए 25 साल का एक रणनीतिक समझौता भी किया था.
अमेरिका और इसराइल के साथ तनाव पर क्या बात होगी?
बैठक में अमेरिका और इसराइल द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर किए गए सैन्य हमलों और उसके बाद लागू हुए कमजोर युद्धविराम (ceasefire) पर चर्चा होने की उम्मीद है. इसके अलावा, Strait of Hormuz में बढ़ते तनाव पर भी बात होगी, जहां 4 मई को अमेरिकी सेना ने ईरानी स्पीडबोट्स के खिलाफ अपाचे हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल किया था. विदेश मंत्री Araghchi ने अपने X अकाउंट पर लिखा कि हॉर्मुज़ की घटनाएं यह बताती हैं कि राजनीतिक संकट का कोई सैन्य समाधान नहीं होता.
चीन का रुख और आने वाले बड़े दौरे
चीन के विदेश मंत्रालय ने इस दौरे की पुष्टि की है और कहा है कि यह आमंत्रण पर किया गया दौरा है. चीन ने हमेशा राजनयिक समाधान और युद्धविराम का समर्थन किया है. चीनी विदेश मंत्री Wang Yi ने ईरान की संप्रभुता और सुरक्षा का समर्थन किया है, लेकिन साथ ही Strait of Hormuz में जहाजों के सुरक्षित आवागमन की गारंटी देने पर जोर दिया है. यह दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 14-15 मई को अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump बीजिंग जाएंगे और वहां चीनी राष्ट्रपति Xi Jinping से मुलाकात करेंगे.
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान के विदेश मंत्री बीजिंग कब पहुंचे?
ईरान के विदेश मंत्री Seyyed Abbas Araghchi मंगलवार 5 मई को रवाना हुए और बुधवार 6 मई 2026 को बीजिंग पहुंचे.
चीन और ईरान के बीच कौन सा बड़ा समझौता हुआ है?
चीन और ईरान ने साल 2021 में एक 25 साल का रणनीतिक सहयोग समझौता किया था, जिसमें ऊर्जा, सुरक्षा और बुनियादी ढांचे पर साथ काम करने की बात कही गई है.