ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi एक बार फिर पाकिस्तान पहुंचे हैं। 26 अप्रैल 2026 को उनके इस्लामाबाद लौटने पर पूरी दुनिया की नज़रें टिकी थीं। ईरान ने साफ़ कर दिया है कि इस दौरे का मकसद परमाणु बातचीत करना नहीं है, बल्कि क्षेत्रीय शांति और युद्ध खत्म करने पर चर्चा करना है।

ईरान के विदेश मंत्री का पाकिस्तान दौरा क्यों हुआ?

  • ईरान की सरकारी न्यूज़ एजेंसी IRNA और ISNA ने बताया कि Abbas Araghchi इस्लामाबाद में पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ क्षेत्रीय मुद्दों पर बातचीत करने आए हैं।
  • इस दौरे का मुख्य उद्देश्य युद्ध को पूरी तरह खत्म करने के लिए ईरान के विचारों और ढांचे को पाकिस्तान तक पहुँचाना था।
  • ईरान के सांसद Ebrahim Azizi ने स्पष्ट किया कि यह दौरा सिर्फ आपसी मुद्दों तक सीमित था और इसका परमाणु बातचीत से कोई संबंध नहीं था।
  • ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने कहा कि अमेरिका के साथ कोई सीधी मीटिंग तय नहीं थी, बल्कि पाकिस्तान के ज़रिए ही वाशिंगटन तक अपनी बात पहुँचाई जाएगी।

अमेरिका और ईरान के बीच क्या खींचतान चल रही है?

  • अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 25 अप्रैल 2026 को अपने दूतों Steve Witkoff और Jared Kushner की पाकिस्तान यात्रा अचानक रद्द कर दी थी।
  • Trump ने इसका कारण ईरान द्वारा कोई स्वीकार्य शांति प्रस्ताव न देना बताया, हालांकि बाद में उन्होंने कहा कि एक बेहतर प्रस्ताव उनके पास पहुँच गया है।
  • अमेरिका की शर्त यह है कि कोई भी समझौता तभी होगा जब इस बात की गारंटी मिले कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाएगा।
  • वहीं, ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif से कहा कि ईरान दबाव में आकर अमेरिका के साथ बातचीत नहीं करेगा।

ओमान यात्रा और क्षेत्रीय सुरक्षा पर क्या अपडेट है?

पाकिस्तान लौटने से पहले Abbas Araghchi ने ओमान के सुल्तान Haitham bin Tariq से मुलाकात की थी। इस मीटिंग में क्षेत्रीय सुरक्षा और Strait of Hormuz के रास्ते जहाजों की सुरक्षित आवाजाही पर चर्चा हुई। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने अमेरिका और ईरान के बीच शांति प्रयासों में मदद करने की बात कही है।