ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi रूस पहुंचे हैं जहां उनकी मुलाकात राष्ट्रपति Vladimir Putin से होगी. यह यात्रा पाकिस्तान और ओमान में की गई कूटनीतिक कोशिशों के बाद हुई है. ईरान ने अमेरिका को एक नया प्रस्ताव भेजा है जिसमें युद्ध खत्म करने और Hormuz Strait को दोबारा खोलने की बात कही गई है.

ईरान ने अमेरिका के सामने क्या शर्तें रखी हैं?

ईरान ने पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए वॉशिंगटन को एक नया प्रस्ताव भेजा है. इस प्रस्ताव में कुछ प्रमुख मांगें और शर्तें शामिल हैं:

  • Hormuz Strait: इस रणनीतिक जलमार्ग को दोबारा खोला जाए और युद्ध को पूरी तरह खत्म किया जाए.
  • परमाणु बातचीत: परमाणु समझौतों पर होने वाली बातचीत को फिलहाल के लिए आगे के समय तक टाल दिया जाए.
  • ब्लॉकेड पोर्ट्स: ईरानी बंदरगाहों पर लगी अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी को तुरंत हटाया जाए.
  • गारंटी और मुआवजा: ईरान ने भविष्य में हमलों न करने की लिखित गारंटी और मुआवजे के भुगतान की मांग की है.
  • रेड लाइन्स: ईरान ने स्पष्ट किया है कि Hormuz Strait का नियंत्रण और देश का परमाणु ऊर्जा क्षेत्र उसकी मुख्य प्राथमिकता है.

रूस और अमेरिका का इस पूरे मामले पर क्या कहना है?

ईरान के विदेश मंत्री 26 अप्रैल 2026 को मॉस्को पहुंचे और 27 अप्रैल को राष्ट्रपति पुतिन के साथ उनकी उच्च स्तरीय बैठक तय थी. इस बीच अमेरिका और रूस की प्रतिक्रियाएं अलग रही हैं:

  • रूस का रुख: रूस ने कहा कि पाकिस्तानी मध्यस्थों द्वारा तय किए गए युद्धविराम के ढांचे को बनाए रखना जरूरी है. रूसी विदेश मंत्री Sergey Lavrov ने तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों को जारी रखने पर जोर दिया है.
  • अमेरिका का रुख: राष्ट्रपति Donald Trump ने पाकिस्तान में होने वाली आमने-सामने की बातचीत रद्द कर दी है. उन्होंने लंबी फ्लाइट्स के जरिए बातचीत करने में अरुचि दिखाई और कहा कि ईरानी चाहें तो फोन पर बात कर सकते हैं.
  • ईरानी विदेश मंत्रालय: प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने साफ किया कि पाकिस्तान यात्रा के दौरान उनका उद्देश्य केवल वहां के वरिष्ठ अधिकारियों से बात करना था और अमेरिकी अधिकारियों से कोई मुलाकात तय नहीं थी.
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.