ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच अब बीजिंग में बड़ी हलचल शुरू हो गई है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची चीन पहुंचे हैं ताकि अमेरिका के साथ किसी समझौते के लिए समर्थन मिल सके. वहीं अगले हफ्ते राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी चीन के दौरे पर रहेंगे जहां ईरान का मुद्दा चर्चा के केंद्र में रहेगा. दुनिया की नजरें अब इस बात पर हैं कि क्या चीन इन दोनों देशों के बीच शांति करा पाएगा.
चीन ईरान और अमेरिका के बीच क्या भूमिका निभा रहा है?
चीन इस समय एक शांतिदूत की तरह काम कर रहा है. चीन के विदेश मंत्री Wang Yi ने ईरान की संप्रभुता और सुरक्षा का समर्थन किया है. चीन चाहता है कि इस युद्ध को जल्द से जल्द खत्म किया जाए और बातचीत के जरिए हल निकाला जाए. चीन ने अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान पर की गई सैन्य कार्रवाई को गलत बताया है. अप्रैल 2026 में चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उस प्रस्ताव को भी रोका था जो अमेरिका और इसराइल के खिलाफ था.
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ को लेकर क्या विवाद है और चीन क्यों चिंतित है?
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ दुनिया के तेल व्यापार के लिए सबसे जरूरी रास्ता है. चीन अपनी जरूरत का काफी तेल इसी रास्ते से मंगाता है, इसलिए वह चाहता है कि यह रास्ता जल्द से जल्द दोबारा खुले. इसके बारे में मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
- चीन की मांग: विदेश मंत्री Wang Yi ने इस रास्ते को तुरंत खोलने की अपील की है ताकि अंतरराष्ट्रीय व्यापार सुरक्षित रहे.
- ईरान का रुख: ईरान के लिए यह रास्ता एक ताकतवर हथियार की तरह है, जिसका इस्तेमाल वह दबाव बनाने के लिए करता है.
- अमेरिका का दबाव: अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने चीन से कहा है कि वह ईरान पर इस रास्ते को खोलने के लिए दबाव बनाए.
डोनाल्ड ट्रंप की चीन यात्रा और ईरान पर क्या असर होगा?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 14 या 15 मई 2026 को बीजिंग में राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलेंगे. इस बैठक में व्यापार, ताइवान और ईरान के साथ चल रहे युद्ध पर चर्चा होगी. ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि ईरान के साथ एक समझौता होना बहुत मुमकिन है. हालांकि, पहले ईरान के प्रस्ताव से ट्रंप खुश नहीं थे, लेकिन अब दोनों पक्ष बातचीत के लिए तैयार दिख रहे हैं.
Frequently Asked Questions (FAQs)
डोनाल्ड ट्रंप चीन कब जा रहे हैं और वहां क्या चर्चा होगी?
डोनाल्ड ट्रंप अगले हफ्ते यानी 14-15 मई 2026 के आसपास बीजिंग जाएंगे. वहां वह राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ व्यापार, ताइवान और ईरान संकट पर बात करेंगे.
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ को लेकर चीन की क्या चिंता है?
चीन के लिए यह रास्ता तेल आयात के लिए बहुत जरूरी है. युद्ध की वजह से यहाँ व्यापार प्रभावित हुआ है, इसलिए चीन इसे जल्द से जल्द दोबारा खुलवाना चाहता है.