भारत की राजधानी में 14 और 15 मई 2026 को BRICS देशों के विदेश मंत्रियों की एक अहम बैठक होने जा रही है। इस बैठक में ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi के आने की पूरी संभावना है। यह मीटिंग इसलिए खास है क्योंकि भारत इस समय 2026 के लिए BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और दुनिया भर की नजरें इस डिप्लोमैटिक मुलाकात पर टिकी हैं।
BRICS बैठक में कौन आएगा और कौन नहीं
- रूस: रूसी विदेश मंत्री Sergey Lavrov ने इस बैठक में शामिल होने की पुष्टि कर दी है।
- ईरान: विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi का नाम एजेंडे में है, लेकिन उनका आना अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे नाजुक युद्धविराम की स्थिति पर निर्भर करेगा।
- चीन: चीनी विदेश मंत्री Wang Yi इस मीटिंग में शामिल नहीं हो सकते हैं, क्योंकि उसी समय डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच एक संभावित शिखर सम्मेलन की तैयारी चल रही है।
- भारत: मेजबान देश होने के नाते भारत इस पूरी बैठक का संचालन करेगा।
पश्चिम एशिया विवाद और संयुक्त बयान पर खींचतान
ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian और विदेश मंत्री Araghchi ने भारत से आग्रह किया है कि BRICS के सभी सदस्य देश मिलकर अमेरिका और इसराइल द्वारा पश्चिम एशिया में की जा रही कार्रवाइयों के खिलाफ एक साझा बयान जारी करें। हालांकि, भारत का कहना है कि सदस्य देशों के बीच काफी मतभेद हैं।
खास तौर पर ईरान और UAE के बीच के मतभेदों की वजह से किसी एक नतीजे पर पहुंचना मुश्किल हो रहा है। यही वजह थी कि अप्रैल 2026 में हुई विशेष दूतों की बैठक में कोई साझा घोषणा पत्र नहीं निकल सका और सिर्फ भारत की तरफ से एक ‘चेयर स्टेटमेंट’ जारी किया गया था। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य बड़े सम्मेलनों से पहले सभी स्थायी सदस्य देशों की राय को एक दिशा में लाना है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
भारत में BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक कब और क्यों हो रही है?
यह बैठक 14 और 15 मई 2026 को भारत में होगी। भारत 2026 के लिए BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और इस मीटिंग का मकसद बड़े शिखर सम्मेलनों से पहले सदस्य देशों के बीच तालमेल बिठाना है।
ईरान इस बैठक के जरिए क्या हासिल करना चाहता है?
ईरान चाहता है कि BRICS के सभी सदस्य देश एकजुट होकर अमेरिका और इसराइल की पश्चिम एशिया में सैन्य कार्रवाइयों के खिलाफ एक संयुक्त बयान जारी करें।
