ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi शनिवार शाम को ओमान की राजधानी Muscat पहुंचे। अमेरिका और इसराइल के बीच हाल ही में हुए तनाव के बाद यह उनका इस इलाके का पहला आधिकारिक दौरा है। वह यहां ओमान के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपसी रिश्तों और क्षेत्र में चल रही उथल-पुथल पर चर्चा कर रहे हैं।

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Araghchi का क्षेत्रीय दौरा और पाकिस्तान का अनुभव

ईरानी विदेश मंत्री ने अपने इस diplomatic दौरे की शुरुआत 24 अप्रैल को पाकिस्तान के इस्लामाबाद से की थी। उन्होंने अपनी पाकिस्तान यात्रा को बहुत सफल बताया और क्षेत्र में शांति लाने के लिए पाकिस्तानी सरकार के प्रयासों की तारीफ की। उनके इस दौरे का मुख्य उद्देश्य अपने पड़ोसी देशों के साथ तालमेल बिठाना और क्षेत्रीय मुद्दों पर बातचीत करना है। ओमान के बाद वह रूस के दौरे पर जाएंगे।

क्या अमेरिका और ईरान के बीच होगी बातचीत

  • सीधी मुलाकात नहीं: ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने साफ कर दिया कि इस दौरे के दौरान अमेरिका के साथ किसी भी सीधी मुलाकात की कोई योजना नहीं है।
  • मध्यस्थता: ईरान अपनी बातें और प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए अमेरिका तक पहुँचा रहा है। प्रवक्ता ने युद्ध खत्म करने के लिए पाकिस्तान की मध्यस्थता का शुक्रिया भी अदा किया।
  • Trump का फैसला: अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने अपने दो दूतों Steve Witkoff और Jared Kushner की पाकिस्तान यात्रा रद्द कर दी है। Trump का कहना है कि ईरान ने युद्ध रोकने के लिए जो प्रस्ताव दिया वह काफी नहीं था।

दौरे के अन्य मुख्य बिंदु

इस यात्रा के दौरान केवल युद्ध ही नहीं, बल्कि परमाणु समझौतों और Strait of Hormuz की स्थिति पर भी बातचीत होने की उम्मीद है। ईरान का कहना है कि उसके लिए अपने पड़ोसी देशों के साथ संबंध प्राथमिकता पर हैं। हालांकि, अमेरिका के साथ बातचीत की प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है और केवल दूतों के जरिए संदेशों का आदान-प्रदान हो रहा है।