अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान की स्थिति को लेकर एक बड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने दावा किया है कि ईरान के पास मौजूद खाने-पीने का सामान अगले 3 महीनों में खत्म हो सकता है। इस बयान के बाद अब दुनिया भर में खाद्य संकट और महंगाई बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
ईरान में खाने की कमी और सरकारी कोशिशें
Donald Trump ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि ईरान का फूड रिजर्व तेजी से कम हो रहा है। अमेरिका द्वारा Strait of Hormuz की नाकेबंदी और लगाए गए प्रतिबंधों का असर अब ईरान की अर्थव्यवस्था पर दिख रहा है। इस संकट से निपटने के लिए ईरान ने अपने नेशनल डेवलपमेंट फंड से 1 बिलियन डॉलर अलग रखे हैं। इस पैसे का इस्तेमाल चीनी, चावल, लाल मांस और जानवरों के चारे जैसी जरूरी चीजों को बाहर से मंगवाने के लिए किया जाएगा। पिछले दो सालों में यह दूसरी बार है जब ईरान ने अपने विकास फंड का इस्तेमाल खाने-पीने की चीजों के लिए किया है।
पूरी दुनिया पर क्या होगा असर
ईरान के इस संकट का असर सिर्फ वहीं तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि पूरी दुनिया में महंगाई बढ़ सकती है। दुनिया की सबसे बड़ी खाद कंपनी Yara International के CEO ने चेतावनी दी है कि ईरान युद्ध की वजह से खाद की सप्लाई रुक सकती है। इससे अफ्रीका और एशिया के गरीब देशों में अनाज की कमी हो सकती है और कीमतें काफी बढ़ सकती हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया और यूनिवर्सिटी ऑफ बॉन के जानकारों ने भी अप्रैल और मई के अंत में यह संकेत दिया था कि आने वाले समय में खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ेंगे जिससे गरीब आबादी पर बुरा असर पड़ेगा।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव
Donald Trump ने साफ कर दिया है कि अमेरिका ईरान के साथ अपना टकराव जल्द खत्म नहीं करेगा। उन्होंने ईरान की तरफ से बातचीत के लिए आए प्रस्तावों पर नाराजगी जताई और कहा कि ईरान की लीडरशिप फिलहाल बिखरी हुई नजर आ रही है। इस तनाव के बीच अमेरिका ने जर्मनी से अपने 5,000 सैनिकों को वापस बुलाने का फैसला किया है जिससे उसके सहयोगियों के साथ रिश्तों में भी तनाव बढ़ गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के बारे में क्या दावा किया?
डोनाल्ड ट्रम्प ने 2 मई 2026 को कहा कि ईरान के पास मौजूद खाने-पीने का भंडार अगले 3 महीनों में पूरी तरह खत्म हो जाएगा।
ईरान ने खाद्य संकट से निपटने के लिए क्या कदम उठाया?
ईरान ने अपने नेशनल डेवलपमेंट फंड से 1 बिलियन डॉलर आवंटित किए हैं ताकि चीनी, चावल और मांस जैसी जरूरी चीजों का आयात किया जा सके।
क्या इस संकट का असर भारत या अन्य देशों पर पड़ेगा?
विशेषज्ञों और Yara International के अनुसार, खाद की सप्लाई बाधित होने से अफ्रीका और एशिया के देशों में अनाज की कीमतें बढ़ सकती हैं।