ईरान के लोग इन दिनों बहुत मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। वहां खाने-पीने की चीजों की कीमतें इतनी तेजी से बढ़ी हैं कि आम परिवारों के लिए बुनियादी जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है। तेल, चावल और दूध जैसे जरूरी सामानों के दाम आसमान छू रहे हैं और लोगों की तनख्वाह इस बढ़ती महंगाई का मुकाबला नहीं कर पा रही है।

ईरान में किन चीजों के दाम कितने बढ़े?

Statistical Center of Iran के आंकड़ों के मुताबिक, बाजार में जरूरी चीजों के दाम बहुत ज्यादा बढ़ गए हैं। खासकर तेल और चावल जैसी बुनियादी चीजों की कीमतों में भारी उछाल आया है। नीचे दी गई टेबल में आप देख सकते हैं कि कौन सी चीज कितनी महंगी हुई है:

सामान का नाम कीमत में बढ़ोतरी (सालाना)
ठोस वनस्पति तेल (Solid Vegetable Oil) 375%
तरल तेल (Liquid Oil) 308%
विदेशी ग्रेड चावल (Foreign-grade Rice) 209%
चिकन (Chicken) 191%
तेल और वसा (Oils and Fats) 219%
ब्रेड और अनाज (Bread and Cereals) 140%
कुल खाद्य और पेय पदार्थ (Food and Beverages) 113.8%

सरकारी अधिकारी और एक्सपर्ट्स की क्या राय है?

ईरान के कृषि उपमंत्री Akbar Fathi ने चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी की पुष्टि की है और बताया कि उत्पादन का खर्च बढ़ने की वजह से दाम बढ़ाए गए हैं। वहीं Hamedan के बेकर्स यूनियन के प्रमुख Abuzar Golmohammadi ने कहा कि बीमा, मजदूरों की मजदूरी, बिजली और किराए जैसे खर्च बढ़ने के कारण ब्रेड की नई दरें तय की गईं। 6 मई 2026 से Hamedan में ब्रेड की कीमतें बढ़ चुकी हैं।

अर्थशास्त्री Mohammad Machinechian ने चेतावनी दी है कि महंगाई का यह दौर जारी रह सकता है। उन्होंने कहा कि सबसे बेहतर स्थिति में भी हर महीने महंगाई 5% तक बढ़ सकती है, जिससे साल के अंत तक कीमतें 80% तक बढ़ सकती हैं। अगर हालात नहीं सुधरे, तो साल भर में कीमतें तीन गुना तक बढ़ सकती हैं। हालांकि सरकार ने सब्सिडी और कीमतों को कंट्रोल करने की कोशिश की है, लेकिन आम जनता को अभी भी राहत नहीं मिली है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान में खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ने की मुख्य वजह क्या है?

सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, उत्पादन लागत में भारी वृद्धि हुई है। इसमें मजदूरों की मजदूरी, बिजली, बीमा और किराए जैसे खर्चों का बढ़ना मुख्य कारण है।

आने वाले समय में ईरान की आर्थिक स्थिति कैसी रह सकती है?

अर्थशास्त्री Mohammad Machinechian के अनुसार, हर महीने कम से कम 5% महंगाई बढ़ सकती है, जिससे साल के अंत तक कीमतें तीन गुना तक बढ़ने का खतरा है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.