Iran Food Security Update: अमेरिकी नाकाबंदी के बीच ईरान का दावा, खाने-पीने की चीजों की कोई कमी नहीं, लेकिन दुनिया भर में बढ़ सकती है भुखमरी
ईरान के कृषि मंत्री गुलामरेज़ा नूरी ने दावा किया है कि अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी का देश की खाद्य आपूर्ति पर कोई असर नहीं पड़ा है. उन्होंने बताया कि ईरान अपनी जरूरत का 85 प्रतिशत सामान खुद ही तैयार करता है, इसलिए लोगों को परेशानी नहीं होगी. हालांकि, दुनिया भर की बड़ी संस्थाओं ने इस तनाव को लेकर चेतावनी जारी की है.
🚨: ईरान ने फिर बंद किया होर्मुज जलडमरूमध्य, खाड़ी देशों में बढ़ी चिंता, सैकड़ों जहाज फंसे।
ईरान में खाने-पीने की चीजों का क्या हाल है?
ईरान के कृषि मंत्री के मुताबिक देश में खाद्य सुरक्षा मजबूत है. उन्होंने कहा कि ईरान एक बड़ा देश है और वह अलग-अलग सीमाओं के जरिए जरूरी सामान आयात कर सकता है. देश की करीब 85 प्रतिशत कृषि उपज घरेलू स्तर पर ही तैयार होती है, जिससे बाहरी दबाव का असर कम हो गया है.
दुनिया भर में खाद्य संकट और भारत पर असर
विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) और FAO जैसी संस्थाओं ने चेतावनी दी है कि मध्य पूर्व के तनाव से वैश्विक आपूर्ति चेन खराब हो रही है. होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट के कारण दुनिया भर में उर्वरकों (fertilizers) की कमी हुई है. इसका असर भारत में भी दिखा है, जहाँ पिछले दो महीनों में यूरिया और डीएपी की कीमतें लगभग दोगुनी हो गई हैं.
आने वाले समय में क्या खतरा है?
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और विश्व बैंक ने कहा है कि अगर ईरान का युद्ध आगे बढ़ा, तो खाने-पीने की चीजों के दाम बहुत बढ़ सकते हैं. WFP के अनुसार, यदि यह संघर्ष जून 2026 तक चला, तो दुनिया में 4.5 करोड़ लोग और गंभीर भुखमरी का शिकार हो सकते हैं. उधर, अमेरिकी प्रतिबंधों में मिली अस्थायी राहत भी 19 अप्रैल 2026 को खत्म हो गई है.