ईरान में चल रहे तनाव और युद्ध जैसी स्थिति के बीच सरकार ने बड़ा दावा किया है। प्रशासन का कहना है कि देश में खाने-पीने की चीजों की सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित है और लोगों को किसी तरह की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने खुद भरोसा दिलाया है कि ईंधन, दवा और भोजन की कोई किल्लत नहीं होगी।

खाने की सप्लाई को सुरक्षित रखने के लिए क्या कदम उठाए गए?

ईरान सरकार ने निजी कंपनियों और खेती से जुड़ी संस्थाओं के साथ मिलकर जरूरी सामानों का स्टॉक जमा किया है। आंतरिक मंत्रालय ने शहरों की सुरक्षा बढ़ा दी है ताकि जरूरी बुनियादी ढांचों को बचाया जा सके। सरकार ने साफ कहा है कि रिहायशी इलाकों पर हमला एक रेड लाइन है जिसे पार नहीं किया जाना चाहिए।

फूड इंडस्ट्री के सामने कौन सी चुनौतियां आ रही हैं?

युद्ध के कारण कच्चा माल आयात करने में दिक्कतें आ रही हैं और लागत बढ़ गई है। मुद्रा प्रतिबंधों और सब्सिडी में बदलाव की वजह से उत्पादन महंगा हो गया है। साथ ही, पेट्रोकेमिकल्स और स्टील सेक्टर पर हुए हमलों से पैकिंग मटेरियल की कमी होने का खतरा बढ़ गया है।

सरकार इन समस्याओं को कैसे दूर कर रही है?

कच्चे माल के आयात को आसान बनाने के लिए कस्टम क्लीयरेंस की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है। सरकारी टास्क फोर्स लगातार सप्लाई चेन पर नजर रख रही है ताकि सामान की सही समय पर डिलीवरी हो सके। चैंबर ऑफ कॉमर्स के मुताबिक, आपातकालीन हालात के बावजूद उत्पादन जारी है और बुनियादी जरूरतें पूरी हो रही हैं।

संस्था/व्यक्ति की गई कार्रवाई/भरोसा
राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन भोजन, ईंधन और दवा की कोई कमी नहीं होगी
आंतरिक मंत्रालय शहरों की सुरक्षा बढ़ाई और बुनियादी ढांचे का बचाव
अमीर यूसुफी (चैंबर ऑफ कॉमर्स) उत्पादन बुनियादी जरूरतों को पूरा कर रहा है
सरकारी टास्क फोर्स सप्लाई चेन की निगरानी और वितरण सुनिश्चित करना
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com