ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक बार फिर बड़ी खबर सामने आ रही है। अमेरिकी संस्थान की रिपोर्ट के हवाले से दावा किया गया है कि ईरान के संवेदनशील फोर्डो परमाणु ठिकाने पर दोबारा निर्माण कार्य और संवर्धन से जुड़ी गतिविधियां शुरू हो गई हैं। इस खबर ने अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की चिंता बढ़ा दी है। यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब दोनों देशों के बीच परमाणु समझौते को लेकर पर्दे के पीछे बातचीत चलने की खबरें आ रही हैं।

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अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में क्या है पेंच?

अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते को लेकर लगातार बातचीत की कोशिशें हो रही हैं। इस बातचीत में सबसे बड़ा विवाद ईरान के मुख्य परमाणु ठिकानों को लेकर है। अमेरिका की मांग है कि ईरान अपने तीन प्रमुख परमाणु ठिकानों – फोर्डो, नतांज और इसफ़हान को पूरी तरह से बंद कर दे। दूसरी तरफ, ईरान का रुख अलग है। ईरान दो ठिकानों को बंद करने के लिए तो तैयार दिख रहा है, लेकिन वह किसी एक ठिकाने को चालू रखना चाहता है ताकि वह अपने यूरेनियम संवर्धन के अधिकार को दुनिया के सामने साबित कर सके।

IAEA को परमाणु ठिकानों पर क्यों नहीं मिल रहा एक्सेस?

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख राफेल मारियानो ग्रॉसी ने बताया है कि सैन्य संघर्ष के चलते एजेंसी ने फरवरी 2026 से ईरान में अपनी जमीनी जांच बंद कर दी है। जून 2025 के बाद से ही एजेंसी को इन ठिकानों पर जाने का रास्ता नहीं मिला है। इसका असर यह हुआ है कि लगभग 440 किलोग्राम अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम की मौजूदा स्थिति का सही पता नहीं चल पा रहा है। वहीं ईरान ने इस पर सफाई देते हुए कहा है कि सैन्य हमलों के कारण इन ठिकानों तक पहुंचना मुश्किल हुआ है और उसने एजेंसी पर इस मामले का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है।

क्या पहले भी हुई है फोर्डो परमाणु ठिकाने को दोबारा बनाने की कोशिश?

यह पहली बार नहीं है जब फोर्डो में काम दोबारा शुरू होने की बात सामने आई है। इससे पहले जुलाई 2025 में आई सैटेलाइट तस्वीरों में भी फोर्डो परमाणु ठिकाने पर मरम्मत का काम देखा गया था। यह काम जून 2025 में हुए हवाई हमलों के बाद शुरू हुआ था, जिसमें क्रेन, नए रास्ते और मलबे को साफ करते हुए देखा गया था। हाल ही में अमेरिकी अधिकारियों ने भी परमाणु विशेषज्ञों से बैठक की है ताकि ईरान के यूरेनियम स्टॉक को संभालने की तकनीकी तैयारियों पर काम किया जा सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

फोर्डो परमाणु ठिकाना कहाँ है और यह क्यों चर्चा में है?

फोर्डो ईरान का एक बेहद सुरक्षित और भूमिगत यूरेनियम संवर्धन प्लांट है। इस पर दोबारा निर्माण कार्य शुरू होने की खबरों के बाद अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।

क्या IAEA को ईरान के यूरेनियम स्टॉक की सही जानकारी है?

नहीं, सैन्य संघर्ष के कारण फरवरी 2026 से IAEA की टीमें ईरान के परमाणु ठिकानों का दौरा नहीं कर पाई हैं, जिससे लगभग 440 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम की सही स्थिति की जानकारी नहीं मिल सकी है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com