Iran का बड़ा बयान, कहा पड़ोसी देश हमारे भाई, हमला सिर्फ अमेरिकी ठिकानों पर
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने क्षेत्र में चल रहे तनाव के बीच एक अहम बयान जारी किया है। उन्होंने साफ किया कि ईरान द्वारा किए जा रहे सैन्य हमले सिर्फ अपनी आत्मरक्षा के लिए हैं और उनका मुख्य निशाना अमेरिकी और इजरायली सैन्य ठिकाने हैं। अराघची ने जोर देकर कहा कि फारस की खाड़ी के सभी पड़ोसी देशों के साथ उनके रिश्ते दोस्ताना और शांतिपूर्ण बने रहेंगे। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई की है।
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ईरान ने पड़ोसी देशों को लेकर क्या कहा?
विदेश मंत्री अराघची ने खाड़ी देशों को “भाई” बताते हुए कहा कि ईरान अपने पड़ोसियों के साथ अच्छे रिश्ते बनाए रखना चाहता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर उन देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर हमला होता है, तो उसे उन देशों पर हमला नहीं माना जाना चाहिए। ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को एक पत्र भी लिखा है, जिसमें इन हमलों को “आत्मरक्षा का अधिकार” बताया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका द्वारा ईरान पर हमला करने के लिए जिस भी बेस का इस्तेमाल किया जाएगा, उसे वैध सैन्य निशाना माना जाएगा।
खाड़ी में रह रहे आम लोगों पर क्या असर पड़ा है?
इस संघर्ष का असर अब आम जीवन पर भी दिखने लगा है। बहरीन, कतर, कुवैत और UAE में अमेरिकी ठिकानों के पास हमले की खबरें हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, UAE में हमलों के दौरान गिरने वाले मलबे से तीन लोगों की मौत हुई है, जिनमें पाकिस्तानी, नेपाली और बांग्लादेशी नागरिक शामिल हैं। सुरक्षा को देखते हुए मस्कट, अम्मान और मनामा में अमेरिकी दूतावासों ने अपने कर्मचारियों और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने (Shelter-in-Place) का निर्देश दिया है। इसके अलावा, ओमान के पास एक तेल टैंकर को भी निशाना बनाया गया, जिसके बाद चालक दल को सुरक्षित निकाला गया। कई एयरपोर्ट्स पर उड़ानों में भी रुकावट आई है।




