ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव और युद्ध को लेकर अपनी राय साफ की है। उन्होंने कहा कि युद्ध को केवल कुछ समय के लिए टालना या रोकना समस्या का असली समाधान नहीं है। अब्बास अराघची के मुताबिक जंग को पूरी तरह और स्थायी रूप से खत्म किया जाना जरूरी है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भविष्य में ऐसी हिंसा दोबारा न हो, इसके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गारंटी मिलनी चाहिए।

जंग को रोकने के लिए ईरान ने क्या शर्तें रखी हैं?

ईरानी विदेश मंत्री ने ब्रिटेन की विदेश सचिव यवेट कूपर के साथ फोन पर हुई बातचीत में यह अहम मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि हालात को सामान्य बनाने का एकमात्र रास्ता हमलों को पूरी तरह बंद करना है। उनके अनुसार युद्ध खत्म होने के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि भविष्य में ऐसी आक्रामक कार्रवाइयां फिर से न दोहराई जाएं। ईरान का यह रुख बताता है कि वे क्षेत्र में लंबी शांति की उम्मीद कर रहे हैं और केवल अस्थायी शांति से काम नहीं चलेगा।

अब्बास अराघची के बयान से जुड़े कुछ जरूरी तथ्य

  • जंग को सिर्फ रोकना समाधान नहीं बल्कि इसे पूरी तरह खत्म करना होगा
  • भविष्य में हमलों को रोकने के लिए ठोस गारंटी की मांग की गई है
  • ईरान ने यह बात ब्रिटेन की विदेश सचिव के साथ चर्चा के दौरान कही
  • क्षेत्र में शांति के लिए हमलों को स्थायी रूप से बंद करना जरूरी बताया गया
  • शांति के लिए सभी पक्षों को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी