ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi 25 अप्रैल 2026 को पाकिस्तान, ओमान और रूस के राजनयिक दौरे पर हैं. इस यात्रा का मुख्य मकसद पड़ोसी और साझेदार देशों के साथ मिलकर क्षेत्रीय हालात पर चर्चा करना और आपसी तालमेल बिठाना है. मिडिल ईस्ट में जारी तनाव को कम करने और युद्ध खत्म करने के लिए कूटनीतिक कोशिशें तेज हो गई हैं.

क्यों जा रहे हैं Abbas Araghchi इन देशों के दौरे पर?

अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बताया कि उनकी इस यात्रा का उद्देश्य साझेदार देशों के साथ द्विपक्षीय मामलों पर समन्वय करना और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर बातचीत करना है. उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान के लिए उसके पड़ोसी प्राथमिकता हैं. पाकिस्तान पहुंचने के बाद शनिवार को उन्होंने वहां के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से मुलाकात की. इस दौरे के जरिए ईरान चाहता है कि क्षेत्र में शांति बहाल हो और युद्ध के हालात खत्म हों.

अमेरिका और ईरान की बातचीत पर क्या है ताजा अपडेट?

ईरान और अमेरिका के बीच सीधी बातचीत को लेकर विरोधाभासी बयान सामने आए हैं. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने साफ किया कि इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ उनकी कोई सीधी बैठक तय नहीं है और पाकिस्तान सिर्फ एक मध्यस्थ के तौर पर काम करेगा. दूसरी तरफ, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर सीधी बातचीत के लिए पाकिस्तान जाएंगे. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इच्छा जताई है कि वह ईरान के साथ एक स्थायी समझौता करना चाहते हैं.

ओमान और रूस की यात्रा का क्या महत्व है?

पाकिस्तान के बाद अराघची ओमान और रूस का दौरा करेंगे. ओमान पहले से ही ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी रहा है. रूस के साथ बैठक में द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय स्थितियों पर चर्चा होगी. हालांकि, होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी अब भी एक विवादित मुद्दा बना हुआ है. ईरान ने इस नाकाबंदी को जारी रखा है, जबकि अमेरिका इसे फिर से खोलने की मांग कर रहा है.

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.