ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi मंगलवार को रूस की यात्रा खत्म कर फिर से पाकिस्तान पहुंचे। अमेरिका के साथ चल रहे विवाद को खत्म करने के लिए उन्होंने पिछले 48 घंटों में तीसरी बार इस्लामाबाद का दौरा किया है। इस पूरी कोशिश में पाकिस्तान एक अहम मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है ताकि दोनों देशों के बीच शांति बहाल हो सके।
Araghchi के दौरों का पूरा हिसाब और रूट क्या था
विदेश मंत्री Araghchi ने बहुत कम समय में कई देशों की यात्रा की ताकि विवाद सुलझाया जा सके। उनकी यात्रा का विवरण इस प्रकार रहा:
- 24 अप्रैल 2026: पहली बार इस्लामाबाद, पाकिस्तान पहुंचे।
- 25 अप्रैल 2026: ओमान गए और वहां सुल्तान Haitham bin Tariq से मुलाकात की।
- 26 अप्रैल 2026: दूसरी बार इस्लामाबाद वापस आए।
- 27 अप्रैल 2026: रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin से मिलने मॉस्को गए।
- 28 अप्रैल 2026: रूस की यात्रा के बाद तीसरी बार इस्लामाबाद पहुंचे।
ईरान और अमेरिका के बीच क्या है मुख्य विवाद
ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत को लेकर अभी कई मतभेद हैं। ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को एक नया प्रस्ताव भेजा है, लेकिन दोनों पक्षों की राय अलग है:
- ईरान की शर्त: ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने साफ किया है कि नई बातचीत तभी शुरू होगी जब अमेरिका ईरान के बंदरगाहों की समुद्री नाकाबंदी हटाएगा।
- अमेरिका का रुख: राष्ट्रपति Donald Trump ने अपने दूतों Steve Witkoff और Jared Kushner की इस्लामाबाद यात्रा रद्द कर दी। ट्रंप ने कहा कि ईरान का प्रस्ताव काफी नहीं है और उन्होंने फोन पर बात करने की बात कही है।
- मुख्य मुद्दा: Strait of Hormuz के जरिए जहाजों के सुरक्षित आने-जाने और समुद्री नाकाबंदी का मुद्दा अभी भी सबसे बड़ा विवाद बना हुआ है।
पाकिस्तान की भूमिका और मौजूदा स्थिति क्या है
पाकिस्तान इस समय दोनों देशों के बीच संदेश पहुंचाने का काम कर रहा है। पाकिस्तानी विदेश मंत्री Ishaq Dar और अन्य सैन्य अधिकारी इस प्रक्रिया में मदद कर रहे हैं। विदेश मंत्री Araghchi ने पाकिस्तान के प्रयासों को बहुत मददगार और असरदार बताया है। हालांकि, रूस में दिए एक बयान में उन्होंने कहा कि अमेरिका की गलत मांगों और रवैये की वजह से अब तक बातचीत सफल नहीं हो पाई है। पाकिस्तान का कहना है कि वह दोनों देशों के बीच शांति लाने के लिए पूरी कोशिश कर रहा है।