ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने अमेरिका और इसराइल को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी तरह की धमकी से ईरान के लोग और वहां की सेना डरने वाली नहीं है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब इलाके में तनाव काफी बढ़ गया है।
7 जुलाई 2026 को दिए अपने बयान में Araghchi ने कहा कि अगर अमेरिका अपनी धमकियां जारी रखता है, तो ईरान उसके साथ किसी भी आखिरी समझौते के लिए बातचीत शुरू नहीं करेगा। उन्होंने अमेरिका से मांग की कि वह अपने हस्ताक्षर का सम्मान करे और पुराने वादों पर टिका रहे।
यह पूरा मामला US राष्ट्रपति Donald Trump के उस इंटरव्यू से जुड़ा है जो उन्होंने 6 जुलाई को दिया था। Trump ने कहा था कि अगर तेहरान के साथ समझौता नहीं हुआ तो वह इस काम को खत्म कर देंगे। इसी के साथ इसराइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने भी ईरान के भविष्य के नेताओं को रोकने की धमकी दी थी और Mojtaba Khamenei के बारे में बयान दिया था।
MoU और नियमों का हवाला
विदेश मंत्री Araghchi ने उस समझौते (MoU) के पैरा ग्राफ 13 का जिक्र किया जो ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian और Donald Trump ने 18 जून 2026 को साइन किया था। इस नियम के मुताबिक दोनों देशों को एक-दूसरे के खिलाफ ताकत के इस्तेमाल या धमकी से बचना था।
Araghchi ने यह बातें तब कहीं जब हाल ही में Ayatollah Seyyed Ali Khamenei के जनाजे में लाखों लोग इकट्ठा हुए थे। उन्होंने कहा कि बहादुर ईरानी सेना और वहां के लोग किसी भी दबाव में नहीं आएंगे। यह बयान Strait of Hormuz में दो कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों के कुछ घंटों बाद आया है।
