ईरानी विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने नई दिल्ली में BRICS बैठक के दौरान अमेरिका और इसराइल को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने साफ़ कहा कि ईरान केवल सम्मान की भाषा समझता है और किसी भी दबाव या धमकी के आगे कभी नहीं झुकेगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में तनाव बना हुआ है और अप्रैल 2026 में घोषित युद्धविराम भी पूरी तरह स्थिर नहीं है।
अमेरिका और इसराइल के साथ संबंधों पर क्या कहा?
विदेश मंत्री Araghchi ने अमेरिका पर भरोसा बिल्कुल खत्म होने की बात कही। उन्होंने कहा कि अमेरिका ही कूटनीति के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा है और वाशिंगटन ने अतीत में कई वादे तोड़े हैं। उन्होंने अमेरिका और इसराइल पर ईरान के खिलाफ गैरकानूनी हमले करने का आरोप लगाया। Araghchi ने यह भी साफ़ किया कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार नहीं बनाना चाहता और इस समस्या का कोई सैन्य समाधान नहीं है।
Strait of Hormuz और जहाजों के आने-जाने का क्या नियम है?
Strait of Hormuz को लेकर Araghchi ने कुछ जरूरी बातें बताईं। उन्होंने कहा कि यह रास्ता सभी जहाजों के लिए खुला है, लेकिन जो देश ईरान के साथ युद्ध की स्थिति में हैं, उन्हें वहां से गुजरने की अनुमति नहीं मिलेगी। बाकी सभी जहाजों को ईरान की नौसेना के साथ तालमेल बिठाना होगा ताकि समुद्री आवाजाही सुरक्षित रहे।
भारत, चीन और UAE के साथ ईरान के रिश्ते कैसे हैं?
- भारत: Araghchi ने भारत के साथ गहरे सांस्कृतिक और आर्थिक रिश्तों की तारीफ की और समर्थन के लिए शुक्रिया कहा।
- चीन: उन्होंने चीन के इरादों को अच्छा बताया और बीजिंग से किसी भी तरह की कूटनीतिक मदद का स्वागत किया।
- UAE: विदेश मंत्री ने UAE को ईरान के खिलाफ किए गए हमलों में एक सीधा भागीदार बताया।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत पर क्या रुख अपनाया है?
ईरान ने अमेरिका पर भरोसा खत्म होने की बात कही है। Araghchi ने कहा कि बातचीत तभी होगी जब अमेरिका अपनी राह सुधारेगा और गंभीरता दिखाएगा।
Strait of Hormuz से कौन से जहाज नहीं गुजर सकते?
जो जहाज या देश ईरान के साथ युद्ध की स्थिति में हैं, उन्हें Strait of Hormuz से गुजरने की अनुमति नहीं होगी। अन्य जहाजों को ईरान की नौसेना के साथ समन्वय करना होगा।
