ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने एक महत्वपूर्ण राजनयिक यात्रा शुरू की है। वह इस दौरे के तहत पाकिस्तान के इस्लामाबाद, ओमान के मस्कट और रूस के मॉस्को जाएंगे। Araghchi का कहना है कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य अपने पड़ोसी देशों और पार्टनर्स के साथ मिलकर क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा करना और आपसी तालमेल बढ़ाना है।

Araghchi के इस दौरे का मुख्य मकसद क्या है?

विदेश मंत्री Araghchi ने शुक्रवार शाम को अपनी यात्रा शुरू की। IRNA न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, इस दौरे का मकसद द्विपक्षीय मामलों पर बातचीत करना और क्षेत्र में हो रहे बदलावों पर चर्चा करना है। इस दौरान अमेरिका और इसराइल के साथ चल रहे तनाव और युद्ध जैसे गंभीर मुद्दों पर भी बातचीत होगी। Araghchi ने पहले ही साफ़ कर दिया था कि ईरान बातचीत के लिए तैयार है, बशर्ते अमेरिका एक निष्पक्ष समझौता करने को राजी हो।

पाकिस्तान और अमेरिका की इस पर क्या राय है?

इस पूरे मामले में पाकिस्तान एक मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। पाकिस्तान ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम (ceasefire) की बातचीत को फिर से शुरू कराने की कोशिश कर रहा है। पाकिस्तानी अधिकारियों का मानना है कि जल्द ही कोई बड़ा समाधान निकल सकता है। दूसरी तरफ, अमेरिका के रक्षा सचिव Pete Hegseth ने चेतावनी दी है कि जब तक ईरान किसी समझौते पर सहमत नहीं होता, तब तक ईरानी जहाजों की नाकाबंदी जारी रहेगी। वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इसराइल और लेबनान के बीच युद्धविराम को तीन हफ्ते के लिए बढ़ा दिया है।

ईरान की आंतरिक एकता और सरकारी स्थिति क्या है?

ईरान के अंदरूनी मतभेदों की खबरों के बीच वहां के बड़े नेताओं ने अपनी एकता दिखाई है। राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian और संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf सहित कई बड़े अधिकारियों ने साफ़ किया है कि ईरानी सरकार पूरी तरह एकजुट है। विदेश मंत्री Araghchi ने भी कहा कि ईरान की सभी सरकारी संस्थाएं अनुशासन और एक ही लक्ष्य के साथ काम कर रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा संघर्ष के लिए अमेरिका और इसराइल जैसे हमलावर देश जिम्मेदार हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.