ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान पर हुए अमेरिकी हमलों से अमेरिका अपने मकसद में नाकाम रहा। उनका कहना है कि ईरान का सरकारी सिस्टम पूरी तरह काम कर रहा है और देश की ताकत में कोई कमी नहीं आई है।

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अमेरिकी हमले के बाद ईरान की क्या है स्थिति?

विदेश मंत्री Araghchi ने साफ किया कि अमेरिका ने सोचा था कि वह तेजी से जीत हासिल कर लेगा और ईरान के सरकारी ढांचे को बदल देगा, लेकिन वह इसमें फेल रहा। उन्होंने बताया कि सरकारी संस्थान पहले की तरह काम कर रहे हैं। जिन मिलिट्री कमांडरों की जान गई, उनकी जगह नए लोगों को तैनात कर दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर संवैधानिक तरीके से नेतृत्व बदला जाएगा लेकिन सिस्टम नहीं रुकेगा।

ईरान ने कैसे किया पलटवार और युद्ध अपराध का आरोप क्यों लगाया?

Araghchi ने बताया कि ईरान ने इसराइल और अमेरिका से जुड़े कई ठिकानों पर जवाबी हमले किए हैं। इसी बीच उन्होंने एक गंभीर आरोप लगाया कि अमेरिकी सबमरीन ने हिंद महासागर में ईरान के युद्धपोत IRIS Dena पर हमला किया। इस जहाज पर ट्रेनिंग ले रहे ऑफिसर सवार थे। ईरान ने इसे एक युद्ध अपराध करार दिया है। बता दें कि हमले के बाद IRIS Bushehr जहाज और उसके चालक दल को श्री लंका ने शरण दी थी।

अमेरिका के साथ बातचीत क्यों नाकाम हुई?

विदेश मंत्री ने कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत इसलिए फेल हुई क्योंकि अमेरिका की मांगें बहुत ज्यादा थीं। उन्होंने पड़ोसी देशों से अपील की है कि वे अमेरिका से दूरी बना लें क्योंकि ईरान के कदमों से यह साफ हो गया है कि कोई भी देश उसकी सुरक्षा को खतरा नहीं पहुँचा सकता। इस बीच, ईरान द्वारा Hormuz जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की नाकाबंदी से पूरी दुनिया में तेल, गैस और खाद की सप्लाई पर असर पड़ा है जिससे आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान के विदेश मंत्री ने अमेरिकी हमलों के बारे में क्या कहा?

उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने उद्देश्यों को पूरा करने में नाकाम रहा और ईरान का सरकारी ढांचा अभी भी पूरी तरह सुरक्षित और सक्रिय है।

IRIS Dena युद्धपोत पर क्या हुआ?

अमेरिकी सबमरीन ने हिंद महासागर में ट्रेनिंग ले रहे अधिकारियों वाले IRIS Dena फ्रिगेट पर हमला किया, जिसे ईरान ने युद्ध अपराध बताया है।