ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ओमान पहुंचे हैं। वहां उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump की बातचीत करने की इच्छा और उनकी गंभीरता पर सवाल उठाए हैं। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब दुनिया की नजरें ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम होने पर टिकी हैं।

ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत का क्या मामला है?

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi एक राजनयिक दौरे पर हैं, जिसमें पाकिस्तान, ओमान और रूस शामिल हैं। ओमान पहुंचने के बाद उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप के कूटनीतिक इरादों पर संदेह जताया है। इस मामले में कुछ मुख्य बातें सामने आई हैं:

  • बातचीत का तरीका: ईरान ने साफ किया है कि वह अमेरिका के साथ सीधे तौर पर बातचीत नहीं करेगा, जब तक कि ‘अधिकतम दबाव’ की नीति और सैन्य धमकियां जारी हैं। हालांकि, ईरान तीसरे पक्ष के जरिए बातचीत के लिए तैयार है।
  • अमेरिकी दूतों का मामला: राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले कहा था कि वह अपने दूत Steve Witkoff और Jared Kushner को पाकिस्तान भेजेंगे ताकि वे Araghchi से मिल सकें। लेकिन बाद में ट्रंप ने Fox News को बताया कि उन्होंने दूतों को न जाने का निर्देश दिया है और ईरान जब चाहे उन्हें फोन कर सकता है।
  • पाकिस्तान की भूमिका: ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने बताया कि पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच कोई सीधी बैठक नहीं होनी थी, बल्कि पाकिस्तानी अधिकारी दोनों पक्षों के बीच संदेश पहुंचाएंगे।

सीजफायर और शांति के लिए क्या शर्तें हैं?

क्षेत्र में शांति बहाली को लेकर ईरान और ओमान की अपनी राय है। ईरान के संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf ने कहा कि पूर्ण युद्धविराम तभी संभव है जब अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी खत्म करे। दूसरी तरफ, ओमान के विदेश मंत्री Badr al-Busaidi ने तुरंत युद्धविराम की अपील की है और कहा है कि तनाव कम करने के रास्ते खुले हैं। ईरान के रक्षा मंत्रालय ने यह भी कहा कि अमेरिका इस संघर्ष से बाहर निकलने के लिए कोई सम्मानजनक रास्ता ढूंढ रहा है।

मुसकत के लिए फिर शुरू हुईं उड़ानें

तनाव के बीच एक राहत भरी खबर यह है कि ईरान ने तेहरान के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से वाणिज्यिक उड़ानें फिर से शुरू कर दी हैं। इसमें ओमान की राजधानी मुसकत के लिए उड़ानें भी शामिल हैं। अमेरिका और इसराइल के साथ संघर्ष शुरू होने के लगभग दो महीने बाद पहली बार ये उड़ानें चालू हुई हैं, जिससे यात्रा करने वालों को सुविधा होगी।