ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरगची इन दिनों कई देशों के दौरे पर हैं। उन्होंने पाकिस्तान और ओमान की यात्रा की और अब वह रूस जाने से पहले एक बार फिर इस्लामाबाद लौट रहे हैं। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने खास दूतों की पाकिस्तान यात्रा रद्द कर दी है, जिससे शांति की कोशिशों पर असर पड़ा है।

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अब्बास अरगची का दौरा और यात्रा का रूट क्या है?

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने शुक्रवार, 25 अप्रैल 2026 को अपना क्षेत्रीय दौरा शुरू किया। वह सबसे पहले पाकिस्तान के इस्लामाबाद पहुंचे और वहां से 26 अप्रैल को ओमान के मस्कट पहुंचे। जानकारी के मुताबिक, वह रविवार शाम को दोबारा इस्लामाबाद लौटेंगे और उसके बाद रूस की राजधानी मॉस्को जाएंगे। उनके साथ आए प्रतिनिधिमंडल का कुछ हिस्सा मशविरे के लिए तेहरान वापस गया था, जो जल्द ही उन्हें इस्लामाबाद में दोबारा जॉइन करेगा।

पाकिस्तान की मध्यस्थता और ट्रंप का फैसला क्या रहा?

पाकिस्तान इस समय ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत के लिए एक पुल का काम कर रहा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन से बात कर शांति के लिए मदद करने का भरोसा दिया है। लेकिन दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने अपने दूत Steve Witkoff और Jared Kushner की पाकिस्तान यात्रा रद्द कर दी। ट्रंप ने इसके पीछे सफर के ज़्यादा समय और ईरान की तरफ से मिले एक अस्वीकार्य प्रस्ताव का कारण बताया। हालांकि, ट्रंप ने यह भी कहा कि बाद में ईरान ने एक बेहतर पेपर भेजा, लेकिन उनके मुताबिक ईरान की लीडरशिप में काफी उलझन और आपसी लड़ाई चल रही है।

क्या अब रुक जाएगी जंग और क्या है मौजूदा स्थिति?

अरगची ने पाकिस्तान के दौरे को काफी सफल बताया और कहा कि उन्होंने युद्ध को हमेशा के लिए खत्म करने का एक ढांचा पेश किया है। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि क्या अमेरिका वाकई डिप्लोमेसी के लिए गंभीर है। फिलहाल, ट्रंप द्वारा दूतों का दौरा रद्द करने और अरगची के पाकिस्तान से जाने के बाद युद्धविराम (ceasefire) की बातचीत रुक गई है। ईरान के अधिकारियों ने पहले ही साफ़ किया था कि अरगची की अमेरिका के अधिकारियों के साथ आमने-सामने की कोई मीटिंग नहीं थी, बल्कि इस्लामाबाद का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्ताव भेजने के लिए किया जा रहा था।