ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi इन दिनों काफी सक्रिय हैं. उन्होंने पाकिस्तान और ओमान का दौरा किया और अब वह रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin से मिलने St Petersburg पहुंचे हैं. उनका मुख्य मकसद अमेरिका के साथ बातचीत की शर्तों को देखना और Strait of Hormuz के समुद्री रास्ते को सुरक्षित बनाना है.

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पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को क्या संदेश भेजा गया?

ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका तक अपनी कुछ शर्तें और ‘रेड लाइन्स’ पहुंचाई हैं. इनमें परमाणु मुद्दों और Strait of Hormuz की सुरक्षा से जुड़ी बातें शामिल हैं. ईरान ने एक नया प्रस्ताव दिया है जिसके तहत पहले समुद्र के रास्ते खोलकर मौजूदा विवाद को खत्म किया जाए और परमाणु बातचीत को बाद के लिए टाला जाए. दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने साफ कर दिया है कि वह व्यक्तिगत रूप से मुलाकात के लिए नहीं जाएंगे. उन्होंने कहा कि अगर ईरान बात करना चाहता है तो फोन का इस्तेमाल कर सकता है, लेकिन ईरान को परमाणु हथियार नहीं मिल सकते.

Strait of Hormuz की सुरक्षा पर ओमान के साथ क्या चर्चा हुई?

विदेश मंत्री Araghchi ने ओमान की राजधानी Muscat में मुलाकात की. यहां चर्चा का मुख्य केंद्र Strait of Hormuz की सुरक्षा रहा. ईरान और ओमान दोनों ने माना कि इस रास्ते से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही एक बड़ा वैश्विक मुद्दा है. इस दौरान नेवल पेट्रोलिंग, समुद्री संचार को बेहतर बनाने और व्यापारिक जहाजों के सुरक्षित पार होने पर बातचीत हुई. इससे पहले ईरान ने इस रास्ते के लिए 20 लाख डॉलर की फीस और कुछ तकनीकी शर्तें रखी थीं, जबकि अमेरिकी नौसेना वहां से माइन हटाने का काम कर रही है.

रूस दौरे और अन्य अपडेट्स की क्या जानकारी है?

Abbas Araghchi 27 अप्रैल 2026 की सुबह St Petersburg पहुंचे जहां उनकी मुलाकात राष्ट्रपति Vladimir Putin से होगी. ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने यह साफ किया है कि जब तक ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी जैसी बाधाएं खत्म नहीं होतीं, तब तक अमेरिका के साथ सार्थक बातचीत शुरू नहीं हो सकती. ईरान ने यह भी कहा है कि वह धमकियों या नाकाबंदी के दबाव में आकर बातचीत नहीं करेगा.