ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका की बेईमानी और नीयत खराब होने की वजह से युद्ध खत्म नहीं हो पा रहा है। यह बात उन्होंने Tehran में Norway के डिप्टी विदेश मंत्री के साथ हुई बैठक के दौरान कही।
ईरान ने अमेरिका और इसराइल पर क्या आरोप लगाए
विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि अमेरिका का तरीका घमंडी है और उसकी भाषा डराने वाली है। उन्होंने बताया कि Strait of Hormuz में जो हालात हैं, उसके जिम्मेदार अमेरिका और Israel हैं। ईरान का कहना है कि इन देशों ने सैन्य हमला किया और समुद्री बंदरगाहों की नाकेबंदी करके युद्धविराम के नियमों को तोड़ा। वहीं, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने कहा कि यह युद्ध तय करेगा कि सही कौन है और गलत कौन और उन्होंने आरोप लगाया कि हमलावरों ने युद्ध के नियमों का उल्लंघन किया है।
Strait of Hormuz और नॉर्वे की चिंता
Norway के डिप्टी विदेश मंत्री Andreas Kravik ने बैठक में साफ कहा कि व्यापारिक जहाजों पर हमले और रास्ते में रुकावट बंद होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि Norway के 25 जहाज वहां फंसे हुए हैं, जो कि बिल्कुल गलत है। दूसरी तरफ ईरान ने कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय कानून के हिसाब से Strait of Hormuz के लिए नए नियम बनाने पर विचार कर रहा है।
जंग खत्म करने के लिए ईरान की शर्तें और अन्य अपडेट
- सभी मोर्चों पर युद्ध का पूरी तरह खत्म होना।
- ईरान पर लगे प्रतिबंधों (Sanctions) को हटाना।
- जब्त की गई संपत्ति को वापस करना।
- युद्ध से हुए नुकसान का मुआवजा देना।
- Strait of Hormuz पर ईरान की संप्रभुता को मानना।
इस बीच, Kuwait ने ईरान पर एक द्वीप पर हमला करने का आरोप लगाया है जहाँ China बंदरगाह बनाने में मदद कर रहा है। वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया कि ईरान की सेना खत्म हो चुकी है और अमेरिका यह युद्ध शांति से या किसी और तरीके से जीतेगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान के अनुसार युद्ध खत्म होने में सबसे बड़ी रुकावट क्या है
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi के मुताबिक, अमेरिका की बेईमानी और उसकी नीयत में ईमानदारी की कमी इस युद्ध को खत्म करने में सबसे बड़ी बाधा है।
Norway ने Strait of Hormuz को लेकर क्या कहा
Norway के डिप्टी विदेश मंत्री Andreas Kravik ने कहा कि व्यापारिक जहाजों पर हमले बंद होने चाहिए क्योंकि उनके 25 जहाज वहां फंसे हुए हैं।
