ईरान की राजधानी तेहरान में 4 जुलाई 2026 को एक बड़ी मुलाकात हुई। ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने यमन के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। यह बैठक ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei के जनाजे के मौके पर हुई थी।
इस प्रतिनिधिमंडल में Ansarallah आंदोलन के नेता Abdulmajid al-Houthi भी शामिल थे। बताया गया है कि इस दौरान Hezbollah और Hamas के प्रतिनिधि भी विदेश मंत्री Araghchi से मिले। सुप्रीम लीडर Khamenei की मौत 28 फरवरी को अमेरिका और इसराइल के हमलों में हुई थी।
इस यात्रा को लेकर काफी तनाव देखा गया। Abdulmajid al-Houthi ने आरोप लगाया कि सऊदी और इसराइल के लड़ाकू विमानों ने उनके विमान को उतरने और उड़ान भरने से रोकने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि इस सैन्य धमकी और नाकेबंदी के बावजूद वे तेहरान पहुंचे।
दूसरी तरफ, यमन की Presidential Leadership Council (PLC) ने इस बात की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि ईरान के नागरिक विमान का Sanaa इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरना यमन की संप्रभुता का उल्लंघन है। PLC ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के नियमों के खिलाफ बताया।
हूती गुट ने दावा किया कि उनके बलों ने उन सऊदी विमानों को रोक दिया जो ईरानी विमान की लैंडिंग में बाधा डाल रहे थे। हूती सैन्य प्रवक्ता Yahya Saree ने चेतावनी दी कि अगर सऊदी अरब ने यमन के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया, तो सऊदी के हवाई अड्डों और अहम संपत्तियों को निशाना बनाया जाएगा।
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने इसका जवाब देते हुए कहा कि वे किसी भी हमले का मुकाबला पूरी ताकत के साथ करेंगे। गठबंधन के प्रवक्ता ने कहा कि हूती समूह सिर्फ लोगों का ध्यान भटकाने के लिए ऐसी धमकियां दे रहा है।
विदेश मंत्री Araghchi ने बताया कि इस ऐतिहासिक मौके पर 70 से ज़्यादा देशों के प्रतिनिधि तेहरान पहुंचे थे।
