ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने 19 जुलाई 2026 को यह साफ कर दिया है कि देश में युद्ध या किसी भी तरह की शांति बहाली से जुड़े फैसले लेने का अंतिम अधिकार सिर्फ सुप्रीम लीडर के पास है। हालांकि, स्थिति का आकलन करने की जिम्मेदारी सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (SNSC) की है। इस जानकारी ने ईरान के अहम राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों में निर्णय लेने की प्रक्रिया पर और स्पष्टता दी है।
संवैधानिक प्रक्रिया और सुप्रीम लीडर का अधिकार
ईरान के संविधान के Article 176 के तहत SNSC को रक्षा और सुरक्षा नीतियां तय करने का अधिकार दिया गया है। यह काउंसिल देश के सामने आने वाले खतरों से निपटने के लिए संसाधनों का तालमेल बैठाती है, लेकिन इसके द्वारा लिए गए किसी भी बड़े फैसले पर अमल तभी होता है जब उसे सुप्रीम लीडर अपनी मंजूरी दे देते हैं। यह साफ है कि देश की सुरक्षा नीति में सुप्रीम लीडर की भूमिका सबसे ऊपर है।
हालिया घटनाक्रम और MoU पर स्थिति
यह स्पष्टीकरण हाल के कुछ बड़े राजनीतिक बदलावों के बाद सामने आया है। ईरान के उप-विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने 19 जुलाई को ही जानकारी दी थी कि अमेरिका द्वारा नियमों के उल्लंघन के कारण ईरान ने एक महत्वपूर्ण समझौते (MoU) को निलंबित कर दिया है। इससे पहले, 15 जुलाई को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने कहा था कि ईरान का फिलहाल बातचीत का कोई इरादा नहीं है और पूरा ध्यान केवल देश की रक्षा पर केंद्रित है। इस बीच, Abbas Araghchi और अन्य अधिकारियों को अमेरिका के साथ हुए एक अस्थायी समझौते को लेकर अपने ही देश के राजनीतिक गुटों से कड़ी आलोचना का सामना भी करना पड़ा है।
