ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi आज Beijing पहुंचे हैं। वहां उनकी मुलाकात चीन के विदेश मंत्री Wang Yi से होगी। यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत रुकी हुई है और तनाव बढ़ गया है। दोनों देश अपने रिश्तों को बेहतर बनाने और अंतरराष्ट्रीय मसलों पर चर्चा करेंगे।
चीन के साथ इस बैठक का क्या मकसद है?
ईरान और चीन के बीच यह मुलाकात रणनीतिक रूप से बहुत अहम है। ईरान चाहता है कि चीन अमेरिका के साथ उसके विवादों को सुलझाने में मध्यस्थ की भूमिका निभाए। चीन की नीति दूसरों के आंतरिक मामलों में दखल न देने की रही है, इसलिए उसे एक भरोसेमंद साथी माना जा रहा है।
- मध्यस्थता की उम्मीद: अप्रैल 2026 में भी चीन ने अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम कराने में मदद की थी।
- द्विपक्षीय संबंध: दोनों देश अपने आपसी व्यापार और रिश्तों को और मजबूत करना चाहते हैं।
- क्षेत्रीय सुरक्षा: मीटिंग में दुनिया भर में चल रहे तनाव और उनके असर पर चर्चा होगी।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव की ताजा स्थिति क्या है?
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने बताया कि अमेरिका ने ईरान के 14 सूत्रीय शांति प्रस्ताव पर जो जवाब दिया है, उसे स्वीकार करना मुश्किल है। यह जवाब पाकिस्तान के जरिए ईरान तक पहुँचा था। ईरान ने साफ़ कर दिया है कि वह सिर्फ युद्ध खत्म करने पर बात करेगा, अपने परमाणु कार्यक्रम जैसे अन्य मुद्दों पर नहीं।
वहीं, ईरान के संसद स्पीकर Mohammad Bagher Qalibaf ने कहा है कि Strait of Hormuz की स्थिति अब अमेरिका के लिए असहनीय हो जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका और उसके साथी शिपिंग सुरक्षा और ऊर्जा परिवहन को खतरे में डाल रहे हैं। इससे पहले पिछले हफ्ते Araghchi ने पाकिस्तान, ओमान और रूस का भी दौरा किया था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Abbas Araghchi Beijing क्यों गए हैं?
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi चीन के विदेश मंत्री Wang Yi से द्विपक्षीय संबंधों और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करने गए हैं।
क्या अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत शुरू होगी?
फिलहाल दोनों के बीच बातचीत रुकी हुई है। ईरान ने अमेरिका के शांति प्रस्ताव वाले जवाब को कठिन बताया है और केवल युद्ध खत्म करने पर चर्चा करने की बात कही है।