ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं। इस दौरे के बीच ईरान की सेना ने दुनिया को बड़ी चेतावनी दी है कि उन्होंने अब तक अपनी पूरी मिसाइल ताकत का इस्तेमाल नहीं किया है। वहीं अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता के लिए पाकिस्तान अब एक बीच के रास्ते की तरह काम कर रहा है।
ईरान की मिसाइल ताकत और सेना का बयान
ईरान के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता Brigadier General Reza Talaei-Nik ने कहा कि देश की मिसाइल क्षमता का एक बड़ा हिस्सा अभी सुरक्षित रखा गया है। उन्होंने बताया कि ईरान अपनी मिसाइलें खुद बनाता है और आसमान पर उसकी पकड़ मजबूत है। सेना इस समय पूरी तरह से हमले और बचाव के लिए तैयार बैठी है। ईरान के एक lawmaker Ali Khodrian ने भी कहा कि उनके भूमिगत ‘मिसाइल शहर’ पूरी तरह चालू हालत में हैं और अमेरिकी दावे गलत हैं।
पाकिस्तान में शांति वार्ता और अमेरिका का रुख
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिए कि ईरान अमेरिका की शर्तों को मानने के लिए एक ऑफर तैयार कर रहा है। इस बातचीत के लिए अमेरिका के खास दूत Steve Witkoff और Jared Kushner के इस्लामाबाद पहुंचने की उम्मीद है। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय ने साफ किया कि इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ उनकी कोई सीधी मुलाकात नहीं होगी। ईरान अपनी बातें और चिंताएं पाकिस्तान के जरिए वॉशिंगटन तक पहुंचाएगा।
मौजूदा हालात और चुनौतियां
शांति की कोशिशों के बीच लेबनान से उत्तरी इसराइल में रॉकेट हमले हुए हैं, जिसके जवाब में इसराइल ने भी जवाबी हमले किए। दूसरी तरफ, अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने बताया कि ईरानी बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी और सख्त की जा रही है। वहीं ISW की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान के अंदरूनी नेतृत्व में मतभेद हैं, जहां कुछ अधिकारी लचीले रुख के खिलाफ हैं।