ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब और बढ़ गया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची मदद मांगने रूस पहुंचे हैं, जहां उनकी मुलाकात राष्ट्रपति पुतिन से होगी। दूसरी तरफ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान को डील चाहिए तो उन्हें सीधे फोन करना होगा। इस पूरे झगड़े का असर दुनिया भर में तेल की कीमतों और समुद्री रास्तों पर पड़ रहा है।

होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में क्या संकट है?

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के लिए तेल का सबसे बड़ा रास्ता है और फिलहाल यहां हालात काफी खराब हैं। ईरान ने यहां अपना कंट्रोल बढ़ा लिया है और व्यावसायिक जहाजों से टोल वसूल रहा है। 24 अप्रैल 2026 को ईरान ने पनामा के एक जहाज MSC Francesca को पकड़ लिया, जिसे पनामा के विदेश मंत्रालय ने समुद्री सुरक्षा पर बड़ा हमला बताया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जानकारी दी है कि अमेरिकी नौसेना यहां से ईरानी बारूदी सुरंगों (mines) को हटा रही है और इस काम को तीन गुना बढ़ाने का आदेश दिया है।

अमेरिका और ईरान की एक-दूसरे से क्या मांगें हैं?

दोनों देशों के बीच शर्तें बहुत कड़ी हैं जिसकी वजह से शांति समझौता नहीं हो पा रहा है। मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:

  • अमेरिका की मांग: ईरान अपने परमाणु ठिकाने पूरी तरह खत्म करे, परमाणु हथियार न बनाए, अपनी मिसाइलों की संख्या और रेंज कम करे और होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोले।
  • ईरान की मांग: अमेरिका अपने हमले और टारगेट किलिंग बंद करे, भविष्य में हमलों के खिलाफ गारंटी दे, युद्ध से हुए नुकसान का हर्जाना दे और होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की संप्रभुता को माने।

शांति की कोशिशें और ताजा अपडेट क्या हैं?

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रूस जाने से पहले ओमान और पाकिस्तान का दौरा किया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 25 अप्रैल 2026 को कहा कि वह बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्होंने अपने दूतों को इस्लामाबाद जाने से रोक दिया क्योंकि उनके मुताबिक इसमें बहुत समय बर्बाद होता है। हालांकि, 27 अप्रैल को यह खबर आई कि ईरान और ओमान ने जलडमरूमध्य के मुद्दे पर विशेषज्ञ स्तर की बातचीत जारी रखने का फैसला किया है। फिलहाल एक युद्धविराम लागू है लेकिन भविष्य अब भी अनिश्चित है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.