ईरान के पूर्व विदेश मंत्री और तेहरान यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर Javad Zarif ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर एक बड़ी बात कही है। उन्होंने Al Jazeera के लिए लिखे एक लेख में बताया कि बाहरी देशों से सुरक्षा खरीदना या उसे किसी और के भरोसे छोड़ना अब मुमकिन नहीं है। उन्होंने साफ किया कि ईरान की असुरक्षा की कीमत पर किसी और देश की सुरक्षा हासिल नहीं की जा सकती।

Javad Zarif ने सुरक्षा के बारे में क्या कहा?

Javad Zarif ने अपने लेख “Lessons from the war: A call for strategic reckoning in West Asia” में लिखा कि अब वह समय चला गया जब लोग भ्रम में थे। उन्होंने बताया कि सुरक्षा कोई ऐसी चीज़ नहीं है जिसे पैसों से खरीदा जा सके। उनके मुताबिक, अमेरिका और इसराइल के नीति निर्माताओं ने ईरान की मुकाबला करने की क्षमता को कम समझा था, जो उनकी एक बड़ी गलती थी। उन्होंने कहा कि ईरान की सैन्य प्रतिक्रिया ने यह साबित किया कि वह कमजोर नहीं हुआ है।

GCC देशों और पड़ोसियों के लिए क्या सलाह दी?

  • Zarif ने GCC देशों और अन्य क्षेत्रीय पड़ोसियों से कहा कि उन्हें अपने पुराने गठबंधनों पर फिर से विचार करना चाहिए।
  • उन्होंने सुझाव दिया कि बाहरी देशों के सुरक्षा सिस्टम पर निर्भर रहने के बजाय देशों को अपनी खुद की ताकत बढ़ानी चाहिए।
  • उन्होंने क्षेत्रीय सुरक्षा नेटवर्किंग और स्थानीय शक्ति को महत्व देने की बात कही ताकि भविष्य में किसी बाहरी दबाव में न रहना पड़े।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Javad Zarif कौन हैं और उन्होंने यह बात कहाँ कही?

Javad Zarif ईरान के पूर्व विदेश मंत्री और उपराष्ट्रपति रह चुके हैं और वर्तमान में तेहरान यूनिवर्सिटी में ग्लोबल स्टडीज के प्रोफेसर हैं। उन्होंने यह बातें 6 मई 2026 को Al Jazeera में प्रकाशित अपने एक लेख में कही हैं।

Zarif के लेख का मुख्य संदेश क्या था?

उनके लेख का मुख्य संदेश यह था कि सुरक्षा को आउटसोर्स नहीं किया जा सकता और GCC देशों को बाहरी शक्तियों के बजाय अपनी क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थानीय ताकत पर भरोसा करना चाहिए।