ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर Ali Khamenei के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह पूरा कार्यक्रम सात दिनों तक चलेगा, जो 3 जुलाई से शुरू होकर 9 जुलाई 2026 तक चलेगा। उम्मीद है कि इस दौरान ईरान और इराक में करोड़ों लोग उन्हें अंतिम विदाई देने जुटेंगे।

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बता दें कि अली खमेनेई की मौत 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इसराइल के एक हमले में हुई थी। इस वजह से ईरान में माहौल काफी तनावपूर्ण है। पहले यह अंतिम संस्कार मार्च में होना था, लेकिन “ईरान युद्ध” के चलते इसे टाल दिया गया था।

अंतिम संस्कार का पूरा शेड्यूल

ईरानी सरकारी मीडिया ने funeral का पूरा कार्यक्रम जारी कर दिया है, जो इस प्रकार है:

  • 3 जुलाई: अंतिम संस्कार की रस्में शुरू हुईं और ताबूत तेहरान के Grand Mosalla पहुंचा।
  • 4 और 5 जुलाई: तेहरान में ताबूत Grand Mosalla में रखा जाएगा, जहां लोग दर्शन कर सकेंगे।
  • 6 जुलाई: तेहरान में मुख्य शव यात्रा निकाली जाएगी।
  • 7 जुलाई: रस्में पवित्र शहर Qom में पूरी की जाएंगी।
  • इराक: इराक के प्रमुख शहरों Najaf और Karbala में भी कार्यक्रम होंगे।
  • 9 जुलाई: ईरान के सबसे पवित्र शहर Mashhad में Imam Reza के Shrine पर अंतिम दफन की रस्म होगी।

करोड़ों लोगों की भीड़ और सुरक्षा के इंतजाम

ईरानी अधिकारियों का अनुमान है कि इस अंतिम संस्कार में 1.5 करोड़ से 2 करोड़ लोग शामिल हो सकते हैं, जो इसे ईरान के इतिहास का सबसे बड़ा राजकीय अंतिम संस्कार बना देगा। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और 4 से 6 जुलाई के बीच तेहरान का हवाई क्षेत्र (airspace) पूरी तरह बंद रहेगा।

ईरान के वर्तमान सुप्रीम लीडर और अली खमेनेई के बेटे Mojtaba Khamenei सुरक्षा कारणों और इसराइल की धमकियों की वजह से इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे। वहीं, IRGC के जनरल Ahmad Vahidi तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं।

दुनियाभर के नेताओं का पहुंचना

इस कार्यक्रम में 30 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इनमें रूस, चीन, पाकिस्तान, भारत, जॉर्जिया और क्यूबा जैसे देश शामिल हैं। भारत की तरफ से बिहार के गवर्नर Lt Gen Syed Ata Hasnain और विदेश राज्य मंत्री Pabitra Margherita शामिल होंगे, जबकि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif भी आएंगे।

इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता (peace talks) को भी इन रस्मों के सम्मान में कुछ समय के लिए रोक दिया गया है।