ईरान और फ़्रांस के विदेश मंत्रियों के बीच एक ज़रूरी फ़ोन बातचीत हुई है। इस बातचीत में दुनिया भर में चल रहे युद्ध और क्षेत्रीय हालातों पर चर्चा की गई। दोनों देशों ने कोशिश की कि इस टकराव को खत्म कर शांति लाई जा सके। यह बातचीत शनिवार सुबह हुई जिसमें कई बड़े मुद्दों पर बात हुई।
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ईरान और फ़्रांस की बातचीत में क्या खास रहा?
2 मई 2026 को ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi और फ़्रांस के विदेश मंत्री Jean-Noël Barrot के बीच फ़ोन पर चर्चा हुई। ईरान के मंत्री ने फ़्रांस को बताया कि युद्ध को खत्म करने के लिए ईरान क्या रणनीतिक कोशिशें कर रहा है। फ़्रांस के मंत्री ने इन बातचीत का समर्थन किया और उम्मीद जताई कि इलाके में स्थायी शांति और सुरक्षा आएगी। ईरान का कहना है कि किसी भी समझौते में उसके अधिकारों का पूरा सम्मान होना चाहिए। यह जानकारी IRNA और Mehr News Agency ने साझा की है।
युद्ध पर फ़्रांस का क्या स्टैंड है?
फ़्रांस ने साफ़ कर दिया है कि वह अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान पर किए जा रहे युद्ध में हिस्सा नहीं लेगा। मंत्री Barrot ने कहा कि फ़्रांस इस लड़ाई में इसलिए शामिल नहीं हुआ क्योंकि इसके उद्देश्य साफ़ नहीं थे और यह अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ था। इसके साथ ही फ़्रांस ने इसराइल से अपील की है कि वह लेबनान जैसे इलाकों में ज़मीनी हमले और आम लोगों पर हमले न करे।
शांति की कोशिशें और ताज़ा अपडेट
- 8 अप्रैल को युद्ध रोकने के लिए दो हफ्ते का ceasefire शुरू हुआ था जिसे अब अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दिया गया है।
- ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए एक प्रस्ताव भेजा है जिसे White House में देखा जा रहा है।
- 2 मई को ईरान ने इसराइल के लिए जासूसी करने के आरोप में Yaghoub Karimpour और Nasser Bakrzadeh नाम के दो लोगों को फांसी दी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान और फ़्रांस के बीच बातचीत क्यों हुई?
यह बातचीत क्षेत्रीय तनाव को कम करने और अमेरिका-इसराइल के साथ चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए हुई थी, जिसमें दोनों देशों ने शांति के उपायों पर चर्चा की।
क्या फ़्रांस इस युद्ध में शामिल है?
नहीं, फ़्रांस ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इस युद्ध का हिस्सा नहीं बनेगा क्योंकि इसके उद्देश्य स्पष्ट नहीं थे और यह अंतरराष्ट्रीय कानून के नियमों के बाहर था।