ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi और फ्रांस के विदेश मंत्री Jean-Noël Barrot ने रविवार, 26 अप्रैल 2026 को फोन पर बातचीत की. इस बातचीत में अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान पर थोपे गए युद्ध को खत्म करने और युद्धविराम से जुड़ी ताज़ा जानकारी साझा की गई. दोनों देशों ने इस तनाव को कम करने के लिए राजनयिक कोशिशों पर चर्चा की.
युद्धविराम को लेकर क्या हुई बातचीत?
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने फ्रांस के मंत्री को युद्धविराम की मौजूदा स्थिति के बारे में विस्तार से बताया. बातचीत के दौरान उन्होंने अमेरिका और इसराइल की आक्रामकता को रोकने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर जोर दिया. इस मामले में कुछ मुख्य बातें सामने आईं:
- अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 21 अप्रैल 2026 को ईरान के साथ दो हफ्ते के युद्धविराम का ऐलान किया था.
- इस युद्धविराम को करवाने में पाकिस्तान ने अहम भूमिका निभाई और मध्यस्थता की थी.
- ईरान ने साफ़ किया है कि वह धमकी या पाबंदी के दबाव में आकर कोई बातचीत नहीं करेगा.
फ्रांस की शर्तें और लेबनान का मुद्दा क्या है?
फ्रांस के विदेश मंत्री Jean-Noël Barrot ने इसराइल द्वारा लेबनान पर किए गए हमलों को स्वीकार करने से मना कर दिया. फ्रांस का मानना है कि शांति के लिए लेबनान को भी इस समझौते का हिस्सा बनाना जरूरी है. इसके अलावा फ्रांस ने ईरान के सामने कुछ शर्तें भी रखी हैं:
- ईरान को परमाणु हथियार बनाने की कोशिशें पूरी तरह बंद करनी होंगी.
- क्षेत्र के अन्य देशों के खिलाफ मिसाइल और ड्रोन का इस्तेमाल रोकना होगा.
- सशस्त्र समूहों को दिया जाने वाला समर्थन खत्म करना होगा.