ईरान अपनी जमी हुई 6 अरब डॉलर की संपत्ति के एक हिस्से का इस्तेमाल ज़रूरी सामान खरीदने के लिए करने जा रहा है. इस रकम को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से खींचतान चल रही है, लेकिन अब इसमें कुछ महत्वपूर्ण समझौते हुए हैं. यह पैसा फिलहाल कतर में जमा है और इसे मानवीय मदद के लिए इस्तेमाल करने की तैयारी है.

1 जुलाई 2026 को आई रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान और अमेरिका के बीच कतर की राजधानी दोहा में बातचीत शुरू हुई है. इस बातचीत में कतर और पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं. इसमें मुख्य रूप से जमी हुई संपत्ति और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) जैसे मुद्दों पर चर्चा की जा रही है.

क्या है अमेरिका की शर्त और ईरान का जवाब

अमेरिकी प्रशासन ने प्रस्ताव दिया था कि इस पैसे का इस्तेमाल अमेरिकी खेती के उत्पादों जैसे मक्का, सोयाबीन और गेहूं खरीदने के लिए किया जाए. हालांकि, ईरान के कृषि मंत्री Gholamreza Nouri Ghezeljeh ने इसे साफ तौर पर खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि ईरान किसी अमेरिकी कंपनी से सामान खरीदने के लिए मजबूर नहीं है और वह केवल गुणवत्ता और सही दाम देखकर ही खरीदारी करेगा. ईरान के संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Qalibaf ने भी अमेरिकी दावे को गलत बताया है.

पैसा कहां है और कैसे मिलेगा

यह 6 अरब डॉलर की रकम ईरान द्वारा दक्षिण कोरिया को बेचे गए तेल की कमाई थी, जिसे 2023 में कैदियों की अदला-बदली के समझौते के तहत कतर भेजा गया था. कतर के विदेश मंत्रालय ने 1 जुलाई 2026 को साफ किया कि यह पैसा अभी तक तेहरान नहीं भेजा गया है. मंत्रालय के अनुसार, रकम की रिलीज इस बात पर निर्भर करेगी कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत कितनी सफल रहती है.

वहीं, सऊदी समाचार एजेंसी Al-Hadath की रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआती बातचीत में 3 अरब डॉलर की रकम जारी करने पर सहमति बनी है. इससे पहले राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने इस पैसे के मिलने का ऐलान किया था, लेकिन असल ट्रांसफर बातचीत के नतीजों के बाद ही होगा.

विवरण जानकारी
कुल जमी हुई रकम 6 अरब डॉलर
रकम की वर्तमान लोकेशन कतर
संभावित रिलीज रकम 3 अरब डॉलर
खरीदे जाने वाले सामान दवाइयां, भोजन और ज़रूरी सामान
अमेरिका का प्रस्ताव अमेरिकी खेती के उत्पाद (मक्का, सोयाबीन, गेहूं)
मध्यस्थ देश कतर और पाकिस्तान