ईरान के लिए एक बड़ी खबर आई है. राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने ऐलान किया है कि कतर में जमा उनके 6 अरब डॉलर जल्द ही वापस मिलेंगे. यह पैसा ईरान की उन संपत्तियों का हिस्सा है जिन्हें लंबे समय से फ्रीज कर रखा गया था. राष्ट्रपति ने इसे ईरानी लोगों की एक बड़ी जीत बताया है.
यह पूरा मामला अमेरिका के साथ हुए एक समझौते (MoU) से जुड़ा है. इस डील के तहत ईरान के तेल और पेट्रोकेमिकल सेक्टर पर लगे प्रतिबंधों को हटाया जाएगा. अमेरिका ने 60 दिनों की छूट दी है जिससे ईरान अपना तेल बेच सकेगा और उसका पैसा ले सकेगा. इस प्रक्रिया की शुरुआती तैयारी कतर में हुई और फाइनल साइन स्विट्जरलैंड में किए गए.
हालांकि, इस पैसे के इस्तेमाल को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच मतभेद हैं. अमेरिका चाहता है कि इस पैसे का इस्तेमाल मानवीय मदद या खेती के सामान खरीदने के लिए हो. लेकिन ईरान के विदेश मंत्रालय और सेंट्रल बैंक ने इसे साफ मना कर दिया है. उनका कहना है कि पैसा उनका है और वे खुद तय करेंगे कि इसे कहां खर्च करना है.
दोनों देशों की टेक्निकल टीमें जल्द ही कतर के दोहा शहर में मिलेंगी ताकि पैसों के ट्रांसफर की तैयारी की जा सके. हालांकि, हाल ही में फारस की खाड़ी में हुए हमलों की वजह से माहौल थोड़ा तनावपूर्ण है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को मुलाकात की बात कही थी, लेकिन ईरान ने सीधे बातचीत से इनकार किया है.
ईरान की कुल जमा पूंजी दुनिया भर में 100 अरब डॉलर से ज़्यादा है, जिसे अलग-अलग देशों ने फ्रीज कर रखा है. इस मामले से जुड़ी मुख्य जानकारियां नीचे दी गई टेबल में हैं:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल फ्रीज संपत्ति | 100 अरब डॉलर से अधिक |
| अभी मिलने वाली राशि | 6 अरब डॉलर |
| कुल अपेक्षित राशि | 12 अरब डॉलर |
| समझौते का प्रकार | अंतरिम MoU |
| प्रतिबंध छूट की अवधि | 60 दिन |
| मध्यस्थ देश | Qatar |
| फाइनल साइनिंग जगह | Switzerland |
| कानूनी आधार | MoU का आर्टिकल 11 |
