अमेरिका और इसराइल के बीच जारी भीषण तनाव के बीच ईरान से बड़ी खबर आ रही है। ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हुए हमलों के बाद वहां के तेल मंत्री ने आम जनता से ईंधन यानी पेट्रोल और डीजल का इस्तेमाल सीमित करने की अपील की है। 22 मई 2026 को आई ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, इस युद्ध के चलते ईरान में पेट्रोल और डीजल की भारी किल्लत हो गई है, जिससे आम लोगों की मुश्किलें काफी बढ़ सकती हैं।

ईरान के ऊर्जा ठिकानों को बनाया गया निशाना, बिजली और तेल सप्लाई पर बुरा असर

ईरान के सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, अमेरिका और इसराइल के हमलों में ईरान के बिजली और तेल से जुड़े बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। ईरान के उप ऊर्जा मंत्री मुस्तफा रजाबी मशहदी के अनुसार, देश के करीब 2000 से ज्यादा बिजली ग्रिड और महत्वपूर्ण केंद्रों को निशाना बनाया गया है। इन हमलों में बिजली क्षेत्र के 12 कर्मचारियों की जान भी गई है। हालांकि सरकार का दावा है कि प्रभावित इलाकों में बिजली की सप्लाई को जल्द ही बहाल कर दिया गया था, लेकिन ईंधन का संकट लगातार गहराता जा रहा है।

ईरान में हर दिन 2 करोड़ लीटर पेट्रोल की किल्लत, ब्लैक मार्केट का खतरा

ईरान के तेल मंत्री मोहसिन पाकनेजाद ने पहले दावा किया था कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी, लेकिन ताजा रिपोर्ट्स कुछ और ही कहानी बयां कर रही हैं। जंग की वजह से देश में हर दिन लगभग 20 से 30 मिलियन (2 से 3 करोड़) लीटर पेट्रोल की कमी देखी जा रही है। आयात में रुकावट आने और घरेलू रिफाइनरियों को नुकसान पहुंचने से आने वाले दिनों में किल्लत और ज्यादा बढ़ सकती है, जिससे पेट्रोल की कीमतों में भारी उछाल आने की आशंका है।

दुनिया भर में तेल सप्लाई पर पड़ा असर, खाड़ी देशों की चिंता बढ़ी

इस संघर्ष का सीधा असर वैश्विक बाजार पर भी देखने को मिल रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव और अमेरिकी नौसेना द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के कारण दुनिया भर में कच्चे तेल की सप्लाई बाधित हुई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया है कि उन्होंने ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी के दौरान अब तक 97 व्यावसायिक जहाजों का रास्ता बदला है। वहीं, इसराइल की खुफिया एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि ईरान आने वाले दिनों में खाड़ी देशों और इसराइल पर जवाबी मिसाइल और ड्रोन हमले कर सकता है, जिससे यह संकट और अधिक गंभीर हो सकता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान में अचानक पेट्रोल की किल्लत क्यों हो गई है?

अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर किए गए हमलों और तेल आयात में आई रुकावटों के कारण ईरान में रोजाना करीब 2 से 3 करोड़ लीटर पेट्रोल की कमी हो गई है।

क्या अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की कोई गुंजाइश है?

खाड़ी देशों की अपील पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सैन्य हमलों को फिलहाल रोका है ताकि पाकिस्तान की मध्यस्थता में बातचीत हो सके, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी है कि बात न बनने पर बड़ा हमला किया जा सकता है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.