Iran Fuel Price: ईरान में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने पर मचा बवाल, रेज़ा पहलवी ने की सत्ता पलटने की मांग.

ईरान में ईंधन की कीमतों को बढ़ाने की चर्चा के बीच देश की राजनीति गर्मा गई है। 22 अगस्त 2026 को विपक्षी नेता Reza Pahlavi ने सरकार की इस योजना पर तीखी प्रतिक्रिया दी और इसे देश के साथ बड़ा धोखा बताया। उन्होंने कहा कि देश की मौजूदा सरकार ऊर्जा बाजार को संभालने में पूरी तरह से नाकाम रही है और इसी वजह से आम लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। अल जजीरा की एक रिपोर्ट में भी इस मामले को प्रमुखता से दिखाया गया है।
ईंधन के दाम बढ़ाना अक्षम्य अपराध
अपने बयान में Reza Pahlavi ने कहा कि ऐसे समय में जब देश के बहुसंख्यक नागरिक गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन कर रहे हैं, पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाना किसी बड़े पाप से कम नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आम जनता के कल्याण पर ध्यान देने के बजाय देश के पैसे को बाहरी समूहों और घरेलू दमनकारी ताकतों पर खर्च कर रही है। उनके अनुसार, देश का आम नागरिक पहले से ही महंगाई की मार झेल रहा है और ऐसे में ईंधन महंगा होना लोगों की कमर तोड़ देगा।
तस्करी और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
विपक्षी नेता ने देश के प्रभावशाली संगठनों पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) की देखरेख में भारी मात्रा में ईंधन की तस्करी की जा रही है और हर दिन बड़ी संख्या में ईंधन देश से बाहर भेजा जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने एक तथाकथित ऑटोमोबाइल माफिया पर भी निशाना साधा, जो बाजार में पुरानी तकनीक वाले और ज्यादा पेट्रोल खाने वाले वाहन लाने के लिए मजबूर करता है, जिससे देश में ईंधन की खपत और अधिक बढ़ जाती है।
सरकार की तरफ से आए थे विरोधाभासी बयान
इस पूरे विवाद से पहले अगस्त के महीने में ईरानी सरकार की तरफ से कई तरह के बयान सामने आए थे। 13 अगस्त 2026 को ईरान के ऊर्जा संगठन के प्रमुख ने स्पष्ट किया था कि ईंधन की कीमतों में बदलाव या सब्सिडी वाले कोटे को लेकर अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। इसके बाद 16 अगस्त 2026 को सरकारी अधिकारियों ने फिर से दोहराया कि अभी तुरंत कीमतें बढ़ाने का कोई इरादा नहीं है, हालांकि खपत को नियंत्रित करने के लिए कई प्रस्तावों पर विचार किया जा रहा है।
इस स्थिति को देखते हुए Reza Pahlavi ने साफ कर दिया है कि मौजूदा व्यवस्था में सुधार की गुंजाइश नहीं बची है और देश को बचाने का एकमात्र रास्ता इस पूरी प्रणाली को बदलना है। उन्होंने जानकारी दी कि उनके संगठन द्वारा तैयार किए गए Iran Prosperity Project के तहत ईंधन के उत्पादन और खपत के बीच संतुलन बनाने के लिए विशेष योजनाएं बनाई गई हैं, जिससे भविष्य में स्थिति को सुधारा जा सके।